हमारा पता: पृथ्वी, सौरमंडल, आकाशगंगा, ब्रह्मांड
रात में चमकने वाले सब पिंड खगोलीय पिंड हैं। जिनके पास अपनी ऊष्मा और प्रकाश है, वे तारे हैं (सूर्य भी); जो तारे के प्रकाश से चमकते हैं, वे ग्रह हैं। सूर्य और उसके आठ ग्रह मिलकर सौरमंडल बनाते हैं।
पृथ्वी सूर्य से तीसरा ग्रह है और जीवन के अनुकूल होने के कारण सबसे अद्भुत ग्रह है। इसका एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है। हमारा सौरमंडल आकाशगंगा (मिल्की वे) का भाग है, और लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड बनाती हैं।
याद रखें
- तारा: अपनी ऊष्मा और प्रकाश; ग्रह: अपना प्रकाश नहीं।
- ध्रुव तारा उत्तर दिशा बताता है; सप्तऋषि के संकेतक तारों से खोजें।
- ग्रहों का क्रम: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून।
- पृथ्वी: भू-आभ, नीला ग्रह; चंद्रमा 3,84,400 किमी, 27 दिन।
- क्षुद्र ग्रह मंगल और बृहस्पति के बीच; प्लूटो बौना ग्रह (2006)।
नोट्सपढ़ने और पढ़ाने के लिए पूरी जानकारी
NCERT कक्षा 6 · पृथ्वी: हमारा आवास (पुरानी किताब) · अध्याय 1: सौरमंडल में पृथ्वी
1रात का आकाश
सूर्य डूबने के बाद आसमान देखिए। पहले एक-दो चमकते बिंदु दिखते हैं, फिर उनकी संख्या इतनी बढ़ जाती है कि गिनती नहीं हो पाती। पूरा आकाश छोटी-छोटी चमकती वस्तुओं से भर जाता है: कुछ तेज़ चमकती हैं, कुछ धुँधली। ऐसा लगता है मानो आकाश में हीरे जड़े हों। इनमें से कुछ टिमटिमाते हैं, और कुछ बिना टिमटिमाए चंद्रमा की तरह एक-सी रोशनी से चमकते हैं।
चंद्रमा, पूर्णिमा और अमावस्या
- चंद्रमा लगभग रोज़ दिखता है, पर अलग-अलग समय पर उसका आकार और स्थिति अलग होती है।
- पूर्णिमा: जिस रात पूरा गोल चंद्रमा दिखता है। ऐसा लगभग महीने में एक बार होता है।
- अमावस्या: पूर्णिमा के लगभग पंद्रह दिन बाद चंद्रमा बिल्कुल नहीं दिखता। इसे नए चंद्रमा की रात कहते हैं। अगर आसमान साफ़ हो तो इस रात आकाश को अच्छी तरह देखा जा सकता है।
दिन में तारे क्यों नहीं दिखते?
तारे दिन में भी आकाश में होते हैं, पर सूर्य के बहुत तेज़ प्रकाश के कारण हम उन्हें नहीं देख पाते। (3D मॉडल के दृश्य 1 में "दिन करें" दबाकर देखिए।)
खगोलीय पिंड
NCERT: "सूर्य, चंद्रमा तथा वे सभी वस्तुएँ जो रात के समय आसमान में चमकती हैं, खगोलीय पिंड कहलाती हैं।"
तारा
- कुछ खगोलीय पिंड बड़े आकार के और गर्म होते हैं। ये गैसों से बने होते हैं।
- इनके पास अपनी ऊष्मा और प्रकाश होता है, जिसे ये बहुत बड़ी मात्रा में छोड़ते (उत्सर्जित करते) हैं।
- ऐसे खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। सूर्य भी एक तारा है।
- रात में चमकते अनगिनत तारे सूर्य जैसे ही हैं। पर वे हमसे बहुत अधिक दूर हैं, इसलिए हमें उनकी ऊष्मा या प्रकाश महसूस नहीं होता और वे बहुत छोटे दिखते हैं।
- दूर से हर वस्तु छोटी दिखती है: बहुत ऊँचाई पर उड़ता हवाई जहाज़ कितना छोटा दिखता है!
2आओ कुछ करके सीखें: टॉर्च से तारे
किताब में एक सरल गतिविधि है, जिससे समझ आता है कि दिन में तारे क्यों नहीं दिखते।
ज़रूरी सामान: एक टॉर्च, एक सादा कागज़, पेंसिल और एक सुई।
- कागज़ के बीच में टॉर्च ऐसे रखें कि उसका काँच कागज़ से सटा रहे।
- काँच के चारों ओर पेंसिल से एक वृत्त खींचें।
- वृत्त के अंदर सुई से छोटे-छोटे छेद करें।
- छेद वाले भाग को काँच के सामने रखकर कागज़ को टॉर्च पर लपेटें और रबरबैंड लगा दें।
- ध्यान रखें कि टॉर्च का स्विच कागज़ के बाहर रहे।
- अँधेरे कमरे में, सादी दीवार की ओर मुँह करके, कुछ दूरी से टॉर्च जलाएँ। बाकी सब बत्तियाँ बुझा दें। दीवार पर प्रकाश के बहुत से छोटे बिंदु दिखेंगे, बिल्कुल रात के तारों जैसे।
- अब कमरे की सब बत्तियाँ जला दें। प्रकाश के बिंदु लगभग अदृश्य हो जाएँगे।
- यही रात और दिन में होता है: सूर्योदय के बाद तारे सूर्य के तेज़ प्रकाश में अदृश्य हो जाते हैं।
3नक्षत्रमंडल और ध्रुव तारा
नक्षत्रमंडल
- रात में आसमान देखने पर तारों के अलग-अलग समूहों से बनी तरह-तरह की आकृतियाँ दिखती हैं। इन्हें नक्षत्रमंडल कहते हैं।
- अर्सा मेजर या बिग बीयर ऐसा ही एक नक्षत्रमंडल है।
- बहुत आसानी से पहचाना जाने वाला नक्षत्रमंडल स्मॉल बीयर या सप्तऋषि है (सप्त = सात, ऋषि = संत)। यह सात तारों का समूह है, जो बड़े नक्षत्रमंडल अर्सा मेजर का भाग है (किताब का चित्र 1.1)।
- घर या पड़ोस के किसी बड़े से कहिए कि वे आपको आसमान में और तारे, ग्रह तथा नक्षत्रमंडल दिखाएँ।
ध्रुव तारा
- प्राचीन समय में लोग रात में दिशा का पता तारों की सहायता से लगाते थे।
- उत्तरी तारा उत्तर दिशा बताता है। इसे ध्रुव तारा भी कहते हैं।
- यह आसमान में हमेशा एक ही स्थान पर रहता है। (3D मॉडल में देखिए: पूरा आकाश घूमता दिखता है, पर ध्रुव तारा अपनी जगह रहता है।)
- सप्तऋषि से ध्रुव तारा कैसे खोजें: सप्तऋषि के संकेतक तारों को मिलाती एक काल्पनिक रेखा खींचिए और उसे आगे बढ़ाइए। यह रेखा ध्रुव तारे की ओर इशारा करेगी।
4ग्रह
- कुछ खगोलीय पिंडों में अपना प्रकाश और ऊष्मा नहीं होती। वे तारों के प्रकाश से चमकते हैं। ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं।
- शब्द की कहानी: ग्रह को अंग्रेज़ी में प्लेनेट (Planet) कहते हैं। यह ग्रीक भाषा के शब्द प्लेनेटाइ (Planetai) से बना है, जिसका अर्थ है परिभ्रमक, यानी चारों ओर घूमने वाले।
- पृथ्वी, जिस पर हम रहते हैं, एक ग्रह है। यह अपना सारा प्रकाश और ऊष्मा सूर्य से पाती है, जो पृथ्वी का सबसे नज़दीकी तारा है।
- बहुत दूर से, जैसे चंद्रमा से, देखने पर पृथ्वी भी चंद्रमा की तरह चमकती दिखेगी।
- रात में ग्रह टिमटिमाते नहीं, एक-सी रोशनी से चमकते हैं (3D मॉडल का दृश्य 1)।
तारा और ग्रह में अंतर
| तारा | ग्रह |
|---|---|
| अपना प्रकाश और ऊष्मा होती है | अपना प्रकाश और ऊष्मा नहीं; तारे के प्रकाश से चमकता है |
| बड़ा, गर्म, गैसों से बना | तारे के चारों ओर चक्कर लगाता है |
| टिमटिमाता दिखता है | प्रायः टिमटिमाता नहीं |
| उदाहरण: सूर्य, ध्रुव तारा | उदाहरण: पृथ्वी, बृहस्पति |
उपग्रह
- आसमान में दिखने वाला चंद्रमा एक उपग्रह है। यह हमारी पृथ्वी का साथी (सहचर) है और इसके चारों ओर चक्कर लगाता है।
- पृथ्वी की तरह सात अन्य ग्रह भी सूर्य से प्रकाश और ऊष्मा पाते हैं। उनमें से कुछ के पास अपने चंद्रमा भी हैं।
- कुछ रोचक तथ्य: बृहस्पति, शनि और यूरेनस के चारों ओर छल्ले हैं। ये छल्ले अलग-अलग पदार्थों से बने असंख्य छोटे-छोटे पिंडों की पट्टियाँ हैं। पृथ्वी से इन्हें शक्तिशाली दूरबीन से देखा जा सकता है।
5सौरमंडल और सूर्य
सौरमंडल
NCERT: "सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह तथा कुछ अन्य खगोलीय पिंड, जैसे क्षुद्र ग्रह एवं उल्कापिंड मिलकर सौरमंडल का निर्माण करते हैं।"
- इसे सौर परिवार भी कहते हैं, और इस परिवार का मुखिया सूर्य है।
- "सौर" शब्द कहाँ से आया: पुरानी रोमन कहानियों में "सोल" सूर्य देवता को कहा जाता है। "सौर" का अर्थ है सूर्य से संबंधित। इसीलिए सूर्य के परिवार को सौरमंडल (Solar System) कहते हैं। (सौर से बने और शब्द: सौर ऊर्जा, सौर ऊष्मा, सौर पैनल, सौर कुकर, सौर वर्ष।)
सूर्य
- सूर्य सौरमंडल के केंद्र में है। यह बहुत बड़ा है और बहुत गर्म गैसों से बना है।
- इसका खिंचाव बल (आकर्षण) पूरे सौरमंडल को बाँधकर रखता है।
- सूर्य सौरमंडल के लिए प्रकाश और ऊष्मा का एकमात्र स्रोत है।
- सबसे नज़दीकी तारा होने पर भी हम इसकी बहुत तेज़ ऊष्मा महसूस नहीं करते, क्योंकि यह हमसे बहुत दूर है।
- सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है।
6आठ ग्रह
- हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह हैं। सूर्य से दूरी के क्रम में: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेप्च्यून।
- याद रखने का आसान तरीका (अंग्रेज़ी नाम): My Very Efficient Mother Just Served Us Nuts (Mercury, Venus, Earth, Mars, Jupiter, Saturn, Uranus, Neptune)।
- सभी आठ ग्रह एक निश्चित पथ पर सूर्य का चक्कर लगाते हैं। ये पथ दीर्घवृत्ताकार (अंडे जैसे, लंबे गोल) हैं और इन्हें कक्षा कहते हैं।
- बुध सूर्य के सबसे नज़दीक है। अपनी कक्षा में सूर्य का एक चक्कर लगाने में इसे केवल 88 दिन लगते हैं।
- शुक्र को पृथ्वी का "जुड़वाँ ग्रह" माना जाता है, क्योंकि इसका आकार और आकृति लगभग पृथ्वी जैसी है।
प्लूटो अब ग्रह नहीं
- पहले प्लूटो को भी ग्रह माना जाता था।
- अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन ने अगस्त 2006 की बैठक में तय किया कि कुछ समय पहले खोजे गए खगोलीय पिंड (2003 UB₃₁₃, सिरस) तथा प्लूटो को "बौने ग्रह" कहा जा सकता है।
सौरमंडल की तालिका (किताब का चित्र 1.2)
| ग्रह | सूर्य से दूरी (मिलियन किमी) | सूर्य का एक चक्कर (परिक्रमण) | अपने अक्ष पर घूर्णन | चंद्रमा |
|---|---|---|---|---|
| 1. बुध | 58 | 88 दिन | 59 दिन | 0 |
| 2. शुक्र | 108 | 225 दिन* | 243 दिन | 0 |
| 3. पृथ्वी | 150 | 365 दिन | 1 दिन | 1 |
| 4. मंगल | 228 | 687 दिन | 1 दिन | 2 |
| 5. बृहस्पति | 778 | 11 साल 11 महीने (लगभग 12 साल) | 9 घंटे 56 मिनट | 16 |
| 6. शनि | 1,427 | 29 साल 5 महीने | 10 घंटे 40 मिनट | 30 से अधिक |
| 7. यूरेनस | 2,869 | 84 साल | 17 घंटे 14 मिनट | लगभग 17 |
| 8. नेप्च्यून | 4,496 | 164 साल | 16 घंटे 7 मिनट | 8 |
*किताब की तालिका में शुक्र के लिए "255 दिन" छपा है; यह छपाई की भूल है, सही संख्या 225 दिन है।
1 मिलियन = 10 लाख (10,00,000)। चंद्रमाओं की संख्याएँ किताब के अनुसार हैं।
आंतरिक और बाह्य ग्रह
| आंतरिक ग्रह | बाह्य ग्रह |
|---|---|
| बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल | बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून |
| सूर्य के बहुत नज़दीक | सूर्य से बहुत दूर और बहुत बड़े |
| चट्टानों से बने | गैस और तरल पदार्थों से बने |
- सभी ग्रह अपने अक्ष पर भी घूमते हैं। किताब के खेल में बताया गया है कि शुक्र और यूरेनस बाकी ग्रहों से उलटी दिशा में, यानी दक्षिणावर्त घूमते हैं।
- (3D मॉडल के दृश्य 2 में किसी ग्रह पर टैप करके उसकी तालिका वाली जानकारी देखिए; "आंतरिक / बाह्य ग्रह" बटन से दोनों समूह देखिए।)
7पृथ्वी
- सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी तीसरा ग्रह है। आकार में यह पाँचवाँ सबसे बड़ा ग्रह है।
- पृथ्वी ध्रुवों के पास थोड़ी चपटी है। इसीलिए इसके आकार को भू-आभ कहते हैं। भू-आभ का अर्थ है: पृथ्वी के समान आकार।
पृथ्वी सबसे अद्भुत ग्रह क्यों?
- जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ संभवतः केवल पृथ्वी पर ही पाई जाती हैं।
- पृथ्वी न तो अधिक गर्म है और न ही अधिक ठंडी।
- यहाँ पानी और वायु हैं, जो हमारे जीवन के लिए ज़रूरी हैं।
- वायु में जीवन के लिए ज़रूरी गैसें, जैसे ऑक्सीजन, मौजूद हैं।
- इन्हीं कारणों से पृथ्वी सौरमंडल का सबसे अद्भुत ग्रह है।
नीला ग्रह
अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीले रंग की दिखती है, क्योंकि इसकी दो-तिहाई सतह पानी से ढकी है। इसलिए इसे नीला ग्रह कहते हैं।
"ज्योग्राफ़ी" शब्द की कहानी (किताब का बॉक्स)
- ज्योग्राफ़ी अंग्रेज़ी शब्द है, जो ग्रीक भाषा से लिया गया है। इसका अर्थ है पृथ्वी का विवरण।
- यह दो ग्रीक शब्दों से बना है: "ge" (ज्यो) = पृथ्वी और "graphia" (ग्राफ़िया) = लिखना।
- इसी तरह: ज्यो + लॉजी = पृथ्वी का अध्ययन, ज्यो + मेट्री = पृथ्वी का मापन, ज्यो + आइड = पृथ्वी के आकार के अनुरूप (भू-आभ)।
8चंद्रमा
- हमारी पृथ्वी के पास केवल एक उपग्रह है: चंद्रमा।
- इसका व्यास पृथ्वी के व्यास का केवल एक-चौथाई है।
- यह इतना बड़ा इसलिए दिखता है, क्योंकि यह दूसरे खगोलीय पिंडों की तुलना में हमारे ग्रह के नज़दीक है।
- यह हमसे लगभग 3,84,400 किलोमीटर दूर है।
हमें चंद्रमा का एक ही भाग क्यों दिखता है?
- चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिन में पूरा करता है।
- लगभग इतने ही समय में यह अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा करता है।
- इसके परिणामस्वरूप पृथ्वी से हमें चंद्रमा का केवल एक ही भाग दिखाई देता है। (3D मॉडल के दृश्य 3 में चंद्रमा का लाल निशान देखिए: वह हर समय पृथ्वी की ओर ही रहता है।)
चंद्रमा पर जीवन क्यों नहीं?
- चंद्रमा की परिस्थितियाँ जीवन के लिए अनुकूल नहीं हैं। यहाँ न पानी है, न वायु।
- इसकी सतह पर पर्वत, मैदान और गड्ढे हैं, जो सतह पर छाया बनाते हैं। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पर इनकी छाया देखी जा सकती है।
- रोचक तथ्य: नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने 21 जुलाई 1969 को सबसे पहले चंद्रमा की सतह पर कदम रखा।
9उपग्रह और मानव-निर्मित उपग्रह
- उपग्रह: एक खगोलीय पिंड जो ग्रहों के चारों ओर उसी तरह चक्कर लगाता है, जैसे ग्रह सूर्य के चारों ओर। जैसे: चंद्रमा।
- मानव-निर्मित उपग्रह: एक कृत्रिम पिंड, जिसे वैज्ञानिकों ने बनाया है।
- उपयोग: ब्रह्मांड के बारे में जानकारी पाना और पृथ्वी पर संचार (टीवी, फ़ोन, मौसम की जानकारी आदि)।
- इसे रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाता है और पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया जाता है।
- क्रम: रॉकेट का प्रक्षेपण → रॉकेट का खाली हिस्सा पृथ्वी पर गिरता है → उपग्रह कक्षा में प्रवेश करता है।
- अंतरिक्ष में कुछ भारतीय उपग्रह: इनसैट, आई.आर.एस., एडुसैट आदि।
- (3D मॉडल के दृश्य 3 में "उपग्रह भेजें" दबाकर यह क्रम देखिए।)
10क्षुद्र ग्रह और उल्कापिंड
क्षुद्र ग्रह
- तारों, ग्रहों और उपग्रहों के अलावा, असंख्य छोटे पिंड भी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। इन्हें क्षुद्र ग्रह कहते हैं।
- ये मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं (किताब का चित्र 1.2)।
- वैज्ञानिकों के अनुसार क्षुद्र ग्रह ग्रहों के ही भाग हैं, जो बहुत वर्ष पहले विस्फोट के बाद ग्रहों से टूटकर अलग हो गए।
उल्कापिंड
- सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़ों को उल्कापिंड कहते हैं।
- कभी-कभी ये पृथ्वी के इतने पास आ जाते हैं कि पृथ्वी पर गिरने लगते हैं। गिरते समय वायु से घर्षण के कारण ये गर्म होकर जल जाते हैं और चमकदार प्रकाश पैदा होता है। (रात में दिखने वाला "टूटता तारा" यही है; 3D मॉडल के दृश्य 1 में देखिए।)
- कभी-कभी कोई उल्का पूरी तरह जले बिना पृथ्वी पर गिर जाती है, जिससे धरातल पर गड्ढा बन जाता है।
11आकाशगंगा और ब्रह्मांड
आकाशगंगा (मिल्की वे)
- तारों भरे खुले आकाश में, एक ओर से दूसरी ओर तक फैली चौड़ी, सफ़ेद पट्टी जैसा एक चमकदार रास्ता दिखता है। यह लाखों तारों का समूह है।
- यह पट्टी आकाशगंगा (मिल्की वे) है। हमारा सौरमंडल इसी आकाशगंगा का एक भाग है।
- प्राचीन भारत में इसकी कल्पना आकाश में प्रकाश की एक बहती नदी के रूप में की गई थी, इसीलिए इसका नाम आकाशगंगा पड़ा।
NCERT: "आकाशगंगा करोड़ों तारों, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है।"
ब्रह्मांड
- ऐसी लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड बनाती हैं।
- ब्रह्मांड कितना विशाल है, इसकी कल्पना करना बहुत कठिन है। वैज्ञानिक अभी भी इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटा रहे हैं।
- इसके आकार के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है, फिर भी हम जानते हैं कि हम सब इसी ब्रह्मांड का हिस्सा हैं।
ब्रह्मांड से हमारा संबंध
आप पृथ्वी पर हैं → पृथ्वी सौरमंडल का भाग है → सौरमंडल आकाशगंगा (मिल्की वे) का भाग है → आकाशगंगा ब्रह्मांड का हिस्सा है। (3D मॉडल का दृश्य 4 यही "पता" ज़ूम करके दिखाता है।)
खगोलशास्त्री
- रात में आसमान देखकर मनुष्य हमेशा मोहित होता रहा है। खगोलीय पिंडों और उनकी गति का अध्ययन करने वालों को खगोलशास्त्री कहते हैं।
- आर्यभट्ट प्राचीन भारत के प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थे। आज विश्व के सभी भागों के खगोलविद ब्रह्मांड के रहस्य खोजने में लगे हैं।
12महत्त्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| खगोलीय पिंड | सूर्य, चंद्रमा और रात में आकाश में चमकने वाली सभी वस्तुएँ |
| तारा | अपनी ऊष्मा और प्रकाश वाला, बड़ा, गर्म, गैसों से बना पिंड |
| ग्रह (Planet) | अपना प्रकाश नहीं; तारे के प्रकाश से चमकता, उसका चक्कर लगाता पिंड |
| उपग्रह | ग्रह के चारों ओर चक्कर लगाने वाला पिंड (जैसे: चंद्रमा) |
| नक्षत्रमंडल | तारों के समूह से बनी आकृतियाँ (जैसे: अर्सा मेजर) |
| सप्तऋषि | सात तारों का समूह (स्मॉल बीयर), अर्सा मेजर का भाग |
| ध्रुव तारा | उत्तरी तारा; उत्तर दिशा बताता है, सदा एक स्थान पर |
| सौरमंडल | सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह, क्षुद्र ग्रह, उल्कापिंड का परिवार |
| कक्षा | ग्रह का सूर्य के चारों ओर का दीर्घवृत्ताकार पथ |
| बौना ग्रह | प्लूटो, सिरस, 2003 UB₃₁₃ (2006 का निर्णय) |
| भू-आभ | पृथ्वी के समान आकार (ध्रुवों पर थोड़ी चपटी) |
| क्षुद्र ग्रह | मंगल-बृहस्पति के बीच सूर्य का चक्कर लगाते छोटे पिंड |
| उल्कापिंड | सूर्य का चक्कर लगाते पत्थरों के छोटे टुकड़े |
| आकाशगंगा (मिल्की वे) | करोड़ों तारों, बादलों और गैसों की प्रणाली |
| ब्रह्मांड | लाखों आकाशगंगाओं से मिलकर बना |
| पूर्णिमा / अमावस्या | पूरा चंद्रमा दिखने वाली रात / चंद्रमा न दिखने वाली रात |
| खगोलशास्त्री | खगोलीय पिंडों और उनकी गति का अध्ययन करने वाले |
13पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तरपरीक्षा के प्रश्न
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) ग्रह और तारे में क्या अंतर है? तारे के पास अपनी ऊष्मा और प्रकाश होता है; वह बड़ा, गर्म और गैसों से बना होता है (जैसे सूर्य)। ग्रह के पास अपना प्रकाश और ऊष्मा नहीं होती; वह तारे के प्रकाश से चमकता है और उसका चक्कर लगाता है (जैसे पृथ्वी)।
(ii) सौरमंडल से आप क्या समझते हैं? सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह और कुछ अन्य खगोलीय पिंड, जैसे क्षुद्र ग्रह और उल्कापिंड, मिलकर सौरमंडल बनाते हैं। इसे सौर परिवार भी कहते हैं, जिसका मुखिया सूर्य है।
(iii) सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार सभी ग्रहों के नाम लिखें। बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून।
(iv) पृथ्वी को अद्भुत ग्रह क्यों कहा जाता है? क्योंकि जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ संभवतः केवल पृथ्वी पर हैं: यह न अधिक गर्म है, न अधिक ठंडी; यहाँ पानी और वायु हैं; और वायु में जीवन के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन जैसी गैसें हैं।
(v) हम हमेशा चंद्रमा के एक ही भाग को क्यों देख पाते हैं? चंद्रमा लगभग 27 दिन में पृथ्वी का एक चक्कर लगाता है और लगभग इतने ही समय में अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा करता है। इसलिए उसका एक ही भाग हमेशा पृथ्वी की ओर रहता है।
(vi) ब्रह्मांड क्या है? लाखों आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड बनाती हैं। हमारा सौरमंडल आकाशगंगा (मिल्की वे) का भाग है और आकाशगंगा ब्रह्मांड का; हम सब इसी ब्रह्मांड का हिस्सा हैं।
2. सही उत्तर चिह्नित (✓) कीजिए।
- (i) पृथ्वी का जुड़वाँ ग्रह: (ग) शुक्र ✓
- (ii) सूर्य से तीसरा सबसे नज़दीक ग्रह: (ख) पृथ्वी ✓
- (iii) सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर किस पथ पर चक्कर लगाते हैं: (ग) दीर्घवृत्ताकार ✓
- (iv) ध्रुवतारे से किस दिशा का ज्ञान होता है: (ख) उत्तर ✓
- (v) क्षुद्र ग्रह किन कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं: (ख) मंगल एवं बृहस्पति ✓
3. खाली स्थान भरें।
- (i) तारों का एक समूह जो विभिन्न प्रतिरूपों का निर्माण करता है, उसे नक्षत्रमंडल कहते हैं।
- (ii) तारों की एक बहुत बड़ी प्रणाली को आकाशगंगा कहा जाता है।
- (iv) चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब है।
- (v) पृथ्वी सूर्य से तीसरा सबसे नज़दीक ग्रह है।
- (vi) ग्रहों के पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश नहीं होता है।
(किताब में प्रश्न 3 का भाग (iii) छपा नहीं है, इसलिए क्रम (ii) के बाद (iv) है।)
14आओ कुछ करें और आओ खेलेंपरीक्षा के प्रश्न
आओ कुछ करें
- सौरमंडल का चार्ट: सूर्य बीच में, आठों ग्रह क्रम से, उनकी कक्षाएँ, और मंगल-बृहस्पति के बीच क्षुद्र ग्रहों की पट्टी बनाइए। ऊपर दी गई तालिका की जानकारी भी लिखिए।
- तारामंडल (प्लेनेटोरियम) देखने जाइए और कक्षा में अपना अनुभव बताइए।
- पृथ्वी और सौरमंडल पर क्विज़ कीजिए (नीचे दिए वस्तुनिष्ठ प्रश्न काम आएँगे)।
आओ खेलें
- सूर्य के नाम: हिंदी में सूर्य को सूरज भी कहते हैं। देश की अलग-अलग भाषाओं में सूर्य के नाम पता कीजिए (मित्र, शिक्षक या पड़ोसी की मदद लें)।
- मानव सौरमंडल का खेल:
- पहला चरण: कक्षा के सभी बच्चे बड़े हॉल या खेल के मैदान में इकट्ठा हों।
- दूसरा चरण: 5 मीटर की रस्सी पर हर आधे मीटर पर चॉक से निशान लगाएँ। केंद्र पर कील रखें, केंद्र पर खड़े होकर रस्सी का एक सिरा पकड़ें; मित्र आधे मीटर वाले निशान पर चॉक और रस्सी पकड़कर ज़मीन पर केंद्र के चारों ओर घूमे। इसी तरह 8 वृत्त बनाएँ।
- तीसरा चरण: 10 प्लेकार्ड बनाएँ: सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून।
- चौथा चरण: 10 बच्चों को किताब के चित्र की तरह खड़ा करें। प्लेकार्ड: सूर्य सबसे लंबा, चंद्रमा सबसे छोटा; बुध, मंगल, शुक्र, पृथ्वी लगभग समान; नेप्च्यून, यूरेनस, शनि, बृहस्पति इन चारों से लंबे पर सूर्य से छोटे।
- चंद्रमा वाला बच्चा पृथ्वी वाले बच्चे का हाथ पकड़े। अब सभी धीरे-धीरे वामावर्त (बाईं ओर) घूमें और साथ में अपनी जगह भी घूमें। शुक्र और यूरेनस अपनी जगह दक्षिणावर्त घूमें, बाकी सब वामावर्त।
- आपकी कक्षा एक छोटा मानव-निर्मित सौरमंडल बन जाएगी!
किताब के बॉक्स का प्रश्न: क्या कोई भारतीय चंद्रमा पर गया है?
अब तक कोई भारतीय चंद्रमा पर नहीं उतरा है। पर भारत के अंतरिक्ष यान (जैसे चंद्रयान) चंद्रमा तक पहुँचे हैं। (यह उत्तर किताब से बाहर की जानकारी है, केवल किताब के प्रश्न का उत्तर देने के लिए।)
15अभ्यास: 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर सहित)परीक्षा के प्रश्न
सूर्य, चंद्रमा तथा रात में आसमान में चमकने वाली वस्तुएँ कहलाती हैं: (a) ग्रह (b) खगोलीय पिंड (c) उपग्रह (d) उल्का
(b) खगोलीय पिंड।
अपनी ऊष्मा और प्रकाश वाले खगोलीय पिंड कहलाते हैं: (a) ग्रह (b) उपग्रह (c) तारे (d) क्षुद्र ग्रह
(c) तारे; सूर्य भी एक तारा है।
पूरा गोल चंद्रमा दिखने वाली रात कहलाती है: (a) अमावस्या (b) पूर्णिमा (c) ग्रहण (d) संक्रांति
(b) पूर्णिमा; लगभग महीने में एक बार।
दिन में तारे क्यों नहीं दिखते? (a) वे चले जाते हैं (b) सूर्य के तेज़ प्रकाश के कारण (c) बादलों से (d) वे बुझ जाते हैं
(b)।
सप्तऋषि कितने तारों का समूह है? (a) 5 (b) 7 (c) 9 (d) 12
(b) 7; सप्त = सात।
सप्तऋषि किस बड़े नक्षत्रमंडल का भाग है? (a) ओरायन (b) अर्सा मेजर (c) वृश्चिक (d) कैसियोपिया
(b) अर्सा मेजर (बिग बीयर)।
ध्रुव तारा खोजने में किसकी सहायता ली जाती है? (a) चंद्रमा (b) सप्तऋषि के संकेतक तारे (c) शुक्र (d) सूर्य
(b)।
"प्लेनेट" शब्द ग्रीक के किस शब्द से बना है? (a) प्लेनेटाइ (b) प्लेनो (c) प्लाज़्मा (d) प्लूटो
(a) प्लेनेटाइ = परिभ्रमक (चारों ओर घूमने वाले)।
सौरमंडल का मुखिया है: (a) पृथ्वी (b) चंद्रमा (c) सूर्य (d) बृहस्पति
(c) सूर्य।
"सोल" किसे कहा जाता है? (a) चंद्र देवता (b) सूर्य देवता (रोमन कहानियों में) (c) पृथ्वी (d) तारा
(b); "सौर" = सूर्य से संबंधित।
सौरमंडल में ग्रहों की संख्या: (a) 7 (b) 8 (c) 9 (d) 10
(b) 8।
सूर्य पृथ्वी से लगभग कितनी दूर है? (a) 3,84,400 किमी (b) 15 करोड़ किमी (c) 15 लाख किमी (d) 1 करोड़ किमी
(b) 15 करोड़ किमी।
सूर्य के सबसे नज़दीक ग्रह: (a) शुक्र (b) बुध (c) मंगल (d) पृथ्वी
(b) बुध; एक चक्कर केवल 88 दिन में।
पृथ्वी का "जुड़वाँ ग्रह" किसे कहते हैं? (a) मंगल (b) शुक्र (c) बृहस्पति (d) बुध
(b) शुक्र; आकार और आकृति लगभग पृथ्वी जैसी।
ग्रहों के सूर्य के चारों ओर के पथ को क्या कहते हैं? (a) अक्ष (b) कक्षा (c) रेखा (d) वृत्त
(b) कक्षा; यह दीर्घवृत्ताकार है।
प्लूटो को "बौना ग्रह" कब कहा गया? (a) 1969 (b) 2006 (c) 2003 (d) 1990
(b) अगस्त 2006, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन।
आकार में पृथ्वी का स्थान: (a) सबसे बड़ा (b) तीसरा (c) पाँचवाँ सबसे बड़ा (d) सबसे छोटा
(c) पाँचवाँ सबसे बड़ा।
"भू-आभ" का अर्थ है: (a) पृथ्वी के समान आकार (b) गोल गेंद (c) चपटी थाली (d) अंडा
(a); पृथ्वी ध्रुवों के पास थोड़ी चपटी है।
पृथ्वी को "नीला ग्रह" क्यों कहते हैं? (a) नीले आकाश के कारण (b) दो-तिहाई सतह पानी से ढकी है (c) नीली मिट्टी (d) नीले बादल
(b)।
चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का: (a) आधा (b) एक-चौथाई (c) दोगुना (d) बराबर
(b) एक-चौथाई।
पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग: (a) 3,84,400 किमी (b) 15 करोड़ किमी (c) 38,440 किमी (d) 1 लाख किमी
(a)।
चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग कितने दिन में लगाता है? (a) 15 (b) 27 (c) 30 (d) 365
(b) लगभग 27 दिन।
चंद्रमा की सतह पर सबसे पहले कदम किसने रखा? (a) राकेश शर्मा (b) नील आर्मस्ट्रांग (c) आर्यभट्ट (d) यूरी गगारिन
(b) नील आर्मस्ट्रांग, 21 जुलाई 1969।
इनसैट, आई.आर.एस., एडुसैट क्या हैं? (a) ग्रह (b) भारतीय उपग्रह (c) तारे (d) रॉकेट
(b) भारतीय मानव-निर्मित उपग्रह।
उल्कापिंड पृथ्वी के पास आकर चमकते क्यों हैं? (a) वे तारे हैं (b) वायु से घर्षण के कारण जलते हैं (c) सूर्य का प्रकाश (d) चंद्रमा का प्रकाश
(b)।
16सही/गलत, लघु, दीर्घ और HOTS प्रश्नपरीक्षा के प्रश्न
सही या ग़लत
- सूर्य भी एक तारा है। सही।
- ग्रहों के पास अपना प्रकाश होता है। ग़लत (तारों के प्रकाश से चमकते हैं)।
- ध्रुव तारा आसमान में हमेशा एक ही स्थान पर रहता है। सही।
- शुक्र सूर्य से सबसे दूर का ग्रह है। ग़लत (सबसे दूर नेप्च्यून; सबसे पास बुध)।
- चंद्रमा पर पानी और वायु दोनों हैं। ग़लत।
- बाह्य ग्रह चट्टानों से बने हैं। ग़लत (गैस और तरल से; आंतरिक ग्रह चट्टानों से)।
- हमारा सौरमंडल आकाशगंगा (मिल्की वे) का भाग है। सही।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2-3 अंक)
- खगोलीय पिंड किसे कहते हैं? (सूर्य, चंद्रमा और रात में आकाश में चमकने वाली सभी वस्तुएँ)
- नक्षत्रमंडल क्या है? एक उदाहरण दीजिए। (तारों के समूह से बनी आकृतियाँ; अर्सा मेजर/बिग बीयर, सप्तऋषि)
- ध्रुव तारे का क्या महत्त्व है? (उत्तर दिशा बताता है; सदा एक स्थान पर; प्राचीन समय में दिशा ज्ञान)
- उपग्रह और मानव-निर्मित उपग्रह में अंतर लिखिए। (प्राकृतिक, जैसे चंद्रमा / वैज्ञानिकों द्वारा बनाया, रॉकेट से कक्षा में; संचार और जानकारी)
- क्षुद्र ग्रह और उल्कापिंड में अंतर लिखिए। (मंगल-बृहस्पति के बीच छोटे पिंड, ग्रहों के टूटे भाग / सूर्य का चक्कर लगाते पत्थर के टुकड़े, पृथ्वी के वायुमंडल में जलते)
- प्लूटो अब ग्रह क्यों नहीं माना जाता? (अगस्त 2006, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन ने प्लूटो, सिरस, 2003 UB313 को बौना ग्रह कहा)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- सौरमंडल का वर्णन कीजिए। (परिभाषा; सूर्य केंद्र में, खिंचाव बल, प्रकाश-ऊष्मा का एकमात्र स्रोत; 8 ग्रह क्रम से; दीर्घवृत्ताकार कक्षाएँ; आंतरिक-बाह्य ग्रह; उपग्रह; क्षुद्र ग्रह; उल्कापिंड; चित्र)
- पृथ्वी को अद्भुत ग्रह क्यों कहते हैं? इसकी विशेषताएँ लिखिए। (तीसरा ग्रह, पाँचवाँ सबसे बड़ा; भू-आभ; न अधिक गर्म न ठंडी; पानी, वायु, ऑक्सीजन; नीला ग्रह; एक उपग्रह चंद्रमा)
- चंद्रमा के बारे में पाँच बातें लिखिए। (एकमात्र उपग्रह; व्यास एक-चौथाई; दूरी 3,84,400 किमी; 27 दिन, एक ही भाग; न पानी न वायु; पर्वत, मैदान, गड्ढे; 1969 नील आर्मस्ट्रांग)
HOTS (सोचकर उत्तर दीजिए)
- सूर्य सबसे पास का तारा है, फिर भी हम जलते क्यों नहीं? (संकेत: वह लगभग 15 करोड़ किमी दूर है; दूरी से ऊष्मा बहुत कम पहुँचती है)
- अगर पृथ्वी पर पानी और वायु न होते तो क्या होता? (संकेत: चंद्रमा की तरह जीवन संभव नहीं होता)
- चंद्रमा बहुत छोटा होकर भी तारों से बड़ा क्यों दिखता है? (संकेत: वह हमारे सबसे पास है; दूर की वस्तु छोटी दिखती है, जैसे ऊँचा उड़ता हवाई जहाज़)
- रात में किसी चमकीले बिंदु को देखकर कैसे पहचानेंगे कि वह तारा है या ग्रह? (संकेत: तारा टिमटिमाता है, ग्रह एक-सी रोशनी से चमकता है)
- टॉर्च वाली गतिविधि से दिन-रात के बारे में क्या समझ आता है? (संकेत: बत्ती जलाने पर बिंदु गायब, वैसे ही सूर्य के प्रकाश में तारे; तारे वहीं रहते हैं)
17याद रखेंयाद रखें
- खगोलीय पिंड: सूर्य, चंद्रमा और रात में चमकने वाली सब वस्तुएँ। तारा: अपनी ऊष्मा और प्रकाश (सूर्य भी तारा)। ग्रह: अपना प्रकाश नहीं।
- पूर्णिमा महीने में एक बार; उसके 15 दिन बाद अमावस्या।
- सप्तऋषि: 7 तारे, अर्सा मेजर का भाग; संकेतक तारे → ध्रुव तारा (उत्तर दिशा, सदा एक स्थान पर)।
- सौरमंडल: सूर्य + 8 ग्रह + उपग्रह + क्षुद्र ग्रह + उल्कापिंड; मुखिया सूर्य; सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किमी।
- ग्रहों का क्रम: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून (My Very Efficient Mother Just Served Us Nuts)।
- कक्षा दीर्घवृत्ताकार; बुध 88 दिन; शुक्र जुड़वाँ ग्रह; प्लूटो बौना ग्रह (अगस्त 2006)।
- पृथ्वी: तीसरा ग्रह, पाँचवाँ सबसे बड़ा, भू-आभ, नीला ग्रह (दो-तिहाई पानी), सबसे अद्भुत ग्रह।
- चंद्रमा: एकमात्र उपग्रह, व्यास एक-चौथाई, दूरी 3,84,400 किमी, 27 दिन: एक ही भाग दिखता है।
- क्षुद्र ग्रह: मंगल और बृहस्पति के बीच। उल्कापिंड: वायु के घर्षण से जलते।
- आकाशगंगा (मिल्की वे): करोड़ों तारों, बादलों, गैसों की प्रणाली; लाखों आकाशगंगाएँ = ब्रह्मांड।
© Pankaj Bediya · TGT Geography · Geoland.in
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