घूर्णन से दिन-रात, परिक्रमण से ऋतुएँ
पृथ्वी अपने अक्ष पर लगभग 24 घंटे में घूमती है (घूर्णन): सूर्य की ओर वाले आधे भाग में दिन, दूसरे में रात; बीच की सीमा प्रदीप्ति वृत्त है।
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर 365¼ दिन में दीर्घवृत्ताकार कक्ष में चक्कर लगाती है (परिक्रमण)। अक्ष के एक ही दिशा में झुके रहने से ऋतुएँ बदलती हैं: 21 जून और 22 दिसंबर अयनांत, 21 मार्च और 23 सितंबर विषुव।
याद रखें
- घूर्णन: 24 घंटे → दिन-रात; परिक्रमण: 365¼ दिन → ऋतुएँ।
- अक्ष कक्षीय समतल से 66½°।
- लीप वर्ष: 366 दिन, फ़रवरी 29।
- 21 जून: कर्क रेखा; 22 दिसंबर: मकर रेखा।
- 21 मार्च, 23 सितंबर: विषुव, दिन-रात बराबर।
नोट्सपढ़ने और पढ़ाने के लिए पूरी जानकारी
NCERT कक्षा 6 · पृथ्वी: हमारा आवास (पुरानी किताब) · अध्याय 3: पृथ्वी की गतियाँ
1पृथ्वी की दो गतियाँ
पृथ्वी की गति दो प्रकार की है: घूर्णन और परिक्रमण।
NCERT: "पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है। सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं।"
| घूर्णन | परिक्रमण | |
|---|---|---|
| क्या | अपने अक्ष पर घूमना | सूर्य के चारों ओर कक्ष में चक्कर |
| समय | लगभग 24 घंटे | 365¼ दिन (एक वर्ष) |
| नाम | पृथ्वी दिन, दैनिक गति | वार्षिक गति |
| परिणाम | दिन और रात | ऋतुओं में परिवर्तन |
2अक्ष का झुकाव और कक्षीय समतल
- पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है, जो इसके कक्षीय समतल से 66½° का कोण बनाती है।
- कक्षीय समतल: वह समतल जो पृथ्वी के कक्ष (सूर्य के चारों ओर के पथ) से बनता है।
- इसका अर्थ है कि अक्ष कक्षीय समतल पर खड़ी (लंब) रेखा से 23½° झुका हुआ है (66½° + 23½° = 90°)।
- (3D मॉडल का दृश्य 2: नीला घेरा कक्षीय समतल है, सफ़ेद रेखा उस पर लंब, और पीली-हरी चापें 23½° और 66½° के कोण दिखाती हैं।)
3घूर्णन: दिन और रात
- पृथ्वी सूर्य से प्रकाश पाती है।
- पृथ्वी का आकार गोले जैसा है, इसलिए एक समय में केवल आधे भाग पर ही सूर्य की रोशनी पड़ती है।
- सूर्य की ओर वाले भाग में दिन, और सूर्य से दूर वाले दूसरे भाग में रात होती है।
NCERT: "ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है, उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।"
- प्रदीप्ति वृत्त अक्ष के साथ नहीं मिलता (चित्र 3.2)।
- पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर लगभग 24 घंटे में पूरा करती है।
- घूर्णन के समय काल को पृथ्वी दिन कहते हैं। यह पृथ्वी की दैनिक गति है।
आओ कुछ करके सीखें: गेंद और मोमबत्ती
- पृथ्वी के लिए एक गेंद और सूर्य के लिए एक जलती मोमबत्ती लें। गेंद पर शहर X का निशान लगाएँ।
- गेंद को ऐसे रखें कि शहर X में अँधेरा हो। अब गेंद को बाएँ से दाएँ घुमाएँ।
- थोड़ा घुमाते ही शहर X में सूर्योदय होगा। घुमाते रहें तो बिंदु X धीरे-धीरे सूर्य से दूर जाएगा: यह सूर्यास्त है।
- (3D मॉडल के दृश्य 1 में "शहर X" का पीला बिंदु देखिए: उसके साथ लिखा आता है "रात", "सूर्योदय", "दिन", "सूर्यास्त"।)
अगर पृथ्वी घूर्णन न करे तो?
- सूर्य की ओर वाले भाग में हमेशा दिन रहेगा, जिससे वहाँ लगातार गर्मी पड़ेगी।
- दूसरे भाग में हमेशा अँधेरा रहेगा और पूरे समय ठंड पड़ेगी।
- ऐसी अवस्था में जीवन संभव नहीं हो पाएगा। (3D मॉडल में "घूर्णन न हो तो?" दबाइए।)
4परिक्रमण और लीप वर्ष
- पृथ्वी की दूसरी गति, जो सूर्य के चारों ओर कक्ष में होती है, परिक्रमण कहलाती है।
- पृथ्वी एक वर्ष या 365¼ दिन में सूर्य का एक चक्कर लगाती है।
- हम एक वर्ष 365 दिन का मानते हैं और सुविधा के लिए 6 घंटे इसमें नहीं जोड़ते।
लीप वर्ष
- चार वर्षों में हर वर्ष के बचे 6 घंटे मिलकर एक दिन (24 घंटे) के बराबर हो जाते हैं।
- यह अतिरिक्त दिन फ़रवरी के महीने में जोड़ा जाता है। इस प्रकार हर चौथे वर्ष फ़रवरी 28 के बदले 29 दिन का होता है।
NCERT: "ऐसा वर्ष जिसमें 366 दिन होते हैं, उसे लीप वर्ष कहा जाता है।"
- किताब का प्रश्न: अगला लीप वर्ष कब होगा? 2024 लीप वर्ष था; उसके बाद 2028, फिर 2032। (आसान पहचान: जिस वर्ष की संख्या 4 से पूरी बँट जाए।)
5पृथ्वी की कक्षा और ऋतुएँ
- चित्र 3.3 से स्पष्ट है कि पृथ्वी दीर्घवृत्ताकार पथ पर सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है।
- ध्यान दीजिए: पृथ्वी पूरे कक्ष में एक ही दिशा में झुकी हुई है।
- आमतौर पर एक वर्ष को गर्मी, सर्दी, वसंत और शरद ऋतुओं में बाँटा जाता है।
- ऋतुओं में परिवर्तन सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है।
- (3D मॉडल का दृश्य 3: पृथ्वी कक्ष में घूमती है और अक्ष सदा एक ही दिशा में रहता है; "अगली स्थिति" से चारों तिथियों पर रुकिए।)
आओ कुछ करके सीखें: दीर्घवृत्त बनाइए
एक पेंसिल, दो पिनें और धागे का एक छल्ला लें। पिनों को कागज़ पर लगा दें और उनके चारों ओर छल्ला रखें। पेंसिल से धागे को कसकर तानते हुए पेंसिल को धागे के साथ घुमाइए। कागज़ पर जो आकृति बनेगी, वह दीर्घवृत्त होगी।
आओ कुछ करके सीखें: झुकाव एक ही दिशा में
मैदान पर एक बहुत बड़ा दीर्घवृत्त बनाएँ और छड़ी में लगा एक झंडा लें। दीर्घवृत्त पर कहीं भी खड़े होकर झंडे को दूर किसी पेड़ की सबसे ऊपरी किसी बिंदु की ओर दिखाएँ। अब झंडे को उसी बिंदु की ओर रखते हुए दीर्घवृत्त पर चलें। इसी तरह पृथ्वी का अक्ष हमेशा एक ही स्थिति में झुका रहता है। पृथ्वी के परिक्रमण और अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने के कारण ऋतु परिवर्तन होता है।
6उत्तर अयनांत और दक्षिण अयनांत
21 जून: उत्तर अयनांत
- उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ़ झुका होता है।
- सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में ऊष्मा अधिक मिलती है।
- ध्रुवों के पास वाले क्षेत्रों में कम ऊष्मा मिलती है, क्योंकि वहाँ किरणें तिरछी पड़ती हैं।
- उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर झुका होता है, और उत्तर ध्रुव रेखा (उत्तर ध्रुव वृत्त) के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन रहता है।
- उत्तरी गोलार्ध के बहुत बड़े भाग में सूर्य की रोशनी मिलती है, इसलिए विषुवत् वृत्त के उत्तरी भाग में गर्मी का मौसम होता है।
- 21 जून को इन क्षेत्रों में सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है।
NCERT: "पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तर अयनांत कहते हैं।"
22 दिसंबर: दक्षिण अयनांत
- दक्षिणी ध्रुव सूर्य की ओर झुका होता है, इसलिए मकर रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी (लंबवत्) पड़ती हैं।
- दक्षिणी गोलार्ध के बहुत बड़े भाग में प्रकाश मिलता है। इसलिए दक्षिणी गोलार्ध में लंबे दिन और छोटी रातों वाली ग्रीष्म ऋतु होती है।
- इसकी ठीक विपरीत स्थिति उत्तरी गोलार्ध में होती है (वहाँ सर्दी, छोटे दिन)।
NCERT: "पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिण अयनांत कहा जाता है।"
- क्या आप जानते हैं? ऑस्ट्रेलिया (दक्षिणी गोलार्ध) में ग्रीष्म ऋतु में क्रिसमस मनाया जाता है, क्योंकि 25 दिसंबर के आसपास वहाँ गर्मी होती है।
- (3D मॉडल का दृश्य 4: "अगली तिथि" से 21 जून और 22 दिसंबर बदलकर देखिए कि सीधी किरणें कहाँ पड़ती हैं और कौन-सा ध्रुव लगातार रोशनी में रहता है।)
7विषुव
- 21 मार्च और 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत् वृत्त पर सीधी पड़ती हैं।
- इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता, इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात और दिन बराबर होते हैं।
NCERT: इसे विषुव कहा जाता है।
| तिथि | उत्तरी गोलार्ध | दक्षिणी गोलार्ध |
|---|---|---|
| 21 मार्च | वसंत ऋतु | शरद ऋतु |
| 23 सितंबर | शरद ऋतु | वसंत ऋतु |
चारों तिथियाँ एक साथ
| तिथि | नाम | किरणें सीधी | उत्तरी गोलार्ध | दक्षिणी गोलार्ध |
|---|---|---|---|---|
| 21 जून | उत्तर अयनांत | कर्क रेखा | ग्रीष्म, सबसे लंबा दिन | शीत |
| 23 सितंबर | विषुव | विषुवत् वृत्त | शरद | वसंत |
| 22 दिसंबर | दक्षिण अयनांत | मकर रेखा | शीत | ग्रीष्म |
| 21 मार्च | विषुव | विषुवत् वृत्त | वसंत | शरद |
निष्कर्ष (किताब के शब्दों का भाव): पृथ्वी के घूर्णन और परिक्रमण के कारण दिन-रात और ऋतुओं में परिवर्तन होता है।
8महत्त्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| घूर्णन | पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना (लगभग 24 घंटे) |
| परिक्रमण | सूर्य के चारों ओर स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति (365¼ दिन) |
| अक्ष | काल्पनिक रेखा, कक्षीय समतल से 66½° का कोण |
| कक्षीय समतल | पृथ्वी के कक्ष द्वारा बना समतल |
| प्रदीप्ति वृत्त | दिन और रात को बाँटने वाला वृत्त |
| पृथ्वी दिन | घूर्णन का समय काल; दैनिक गति |
| लीप वर्ष | 366 दिन वाला वर्ष; फ़रवरी में 29 दिन |
| दीर्घवृत्ताकार | अंडे जैसा लंबा गोल पथ |
| उत्तर अयनांत | 21 जून; कर्क रेखा पर सीधी किरणें |
| दक्षिण अयनांत | 22 दिसंबर; मकर रेखा पर सीधी किरणें |
| विषुव | 21 मार्च, 23 सितंबर; विषुवत् वृत्त पर सीधी किरणें; दिन-रात बराबर |
| ऋतुएँ | गर्मी (ग्रीष्म), सर्दी (शीत), वसंत, शरद |
9पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तरपरीक्षा के प्रश्न
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण क्या है? पृथ्वी का अक्ष कक्षीय समतल से 66½° का कोण बनाता है, यानी कक्षीय समतल पर लंब से 23½° झुका हुआ है।
(ii) घूर्णन एवं परिक्रमण को परिभाषित करें। पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है; इसमें लगभग 24 घंटे लगते हैं। सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति परिक्रमण कहलाती है; इसमें 365¼ दिन लगते हैं।
(iii) लीप वर्ष क्या है? जिस वर्ष में 366 दिन होते हैं, उसे लीप वर्ष कहते हैं। हर वर्ष के बचे 6 घंटे चार वर्षों में मिलकर एक दिन बनते हैं, जो फ़रवरी में जोड़ा जाता है; इसलिए हर चौथे वर्ष फ़रवरी 29 दिन का होता है।
(iv) उत्तर एवं दक्षिण अयनांतों में अंतर बताइए।
| उत्तर अयनांत | दक्षिण अयनांत |
|---|---|
| 21 जून | 22 दिसंबर |
| उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका | दक्षिणी ध्रुव सूर्य की ओर झुका |
| कर्क रेखा पर सीधी किरणें | मकर रेखा पर सीधी किरणें |
| उत्तरी गोलार्ध में गर्मी, सबसे लंबा दिन | दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी, लंबे दिन |
(v) विषुव क्या है? 21 मार्च और 23 सितंबर को सूर्य की किरणें विषुवत् वृत्त पर सीधी पड़ती हैं। तब कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता और पूरी पृथ्वी पर दिन-रात बराबर होते हैं। इस अवस्था को विषुव कहते हैं।
(vi) दक्षिणी गोलार्ध में उत्तरी गोलार्ध की अपेक्षा उत्तर एवं दक्षिण का अयनांत अलग-अलग समय में होता है, क्यों? पृथ्वी का अक्ष पूरे कक्ष में एक ही दिशा में झुका रहता है। इसलिए जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (21 जून), तब दक्षिणी गोलार्ध सूर्य से दूर झुका होता है, और 22 दिसंबर को इसका उलटा होता है। इसी कारण दोनों गोलार्धों में ऋतुएँ एक-दूसरे से उलटी होती हैं: उत्तरी गोलार्ध की गर्मी जून में आती है और दक्षिणी गोलार्ध की दिसंबर में।
(vii) ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है, क्यों? अक्ष के झुके होने के कारण, जब उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर झुका होता है (21 जून वाली स्थिति के आसपास), तो उत्तर ध्रुव वृत्त के आगे के भाग लगभग 6 महीने तक लगातार रोशनी में रहते हैं; उस समय दक्षिणी ध्रुव पर लगातार रात रहती है। बाकी 6 महीनों में स्थिति उलटी हो जाती है।
2. सही उत्तर चिह्नित (✓) कीजिए।
- (i) पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति: (ख) परिक्रमण ✓
- (ii) सूर्य की सीधी किरणें विषुवत् वृत्त पर किस दिन पड़ती हैं: (क) 21 मार्च ✓
- (iii) गर्मी में क्रिसमस का पर्व कहाँ मनाया जाता है: (ग) ऑस्ट्रेलिया ✓
- (iv) ऋतुओं में परिवर्तन पृथ्वी की किस गति के कारण होता है: (ख) परिक्रमण ✓
3. खाली स्थान भरें।
- (i) एक लीप वर्ष में दिनों की संख्या 366 होती है।
- (ii) पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को घूर्णन कहते हैं।
- (iii) पृथ्वी सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमती है।
- (iv) 21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं।
- (v) सर्दी (शीत) ऋतु में दिन छोटे होते हैं।
10आओ कुछ करें और आओ खेलेंपरीक्षा के प्रश्न
आओ कुछ करें
- पृथ्वी के अपने अक्ष पर झुकाव का चित्र बनाइए: ऊपर के "अक्ष का झुकाव" वाले चित्र की तरह, कक्षीय समतल, लंब, 23½° और 66½° के कोण दिखाते हुए।
- हर महीने की 21 तारीख के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय स्थानीय समाचारपत्र से लिखिए और उत्तर दीजिए:
- अ. किस महीने के दिन सबसे छोटे हैं? भारत (उत्तरी गोलार्ध) में दिसंबर में (22 दिसंबर के आसपास सबसे छोटा दिन)।
- ब. किन महीनों में दिन और रात लगभग बराबर होते हैं? मार्च और सितंबर में (विषुव: 21 मार्च, 23 सितंबर)।
आओ खेलें
- धागे के एक ही छल्ले से दो पिनों को पास और दूर रखकर अलग-अलग आकार के दीर्घवृत्त बनाइए। ध्यान दीजिए: पिनें बहुत पास-पास हों (लगभग एक ही जगह) तो दीर्घवृत्त, वृत्त बन जाता है।
- छड़ी की छाया से दिशा:
- धूप वाले दिन 1 मीटर लंबी सीधी छड़ी लें और मैदान में साफ़, समतल जगह पर खड़ी करें, जहाँ उसकी छाया साफ़ बने।
- पहला चरण: छाया के सबसे ऊपरी बिंदु को पत्थर से चिह्नित करें। पहला छाया-चिह्न हमेशा पश्चिम की तरफ़ होता है। 15 मिनट बाद छाया के ऊपरी बिंदु को फिर चिह्नित करें; यह कुछ सेमी दूर चला गया होगा। दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा पूर्व-पश्चिम रेखा होगी।
- दूसरा चरण: ऐसे खड़े हों कि पहला चिह्न आपकी बाईं और दूसरा दाईं ओर हो। अब आपका मुँह उत्तर दिशा की ओर है। यह पृथ्वी पर किसी भी स्थान पर सच है, क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व घूर्णन करती है।
- और सही तरीका (अधिक समय लगता है): सुबह की पहली छाया का सिरा चिह्नित करें और तार की मदद से छड़ी के चारों ओर उस त्रिज्या का एक वृत्तखंड बनाएँ। दोपहर में छाया छोटी या लगभग खत्म हो जाएगी। दोपहर के बाद छाया फिर बढ़ेगी और वृत्तखंड को किसी बिंदु पर छुएगी; उसे चिह्नित करें। दोनों बिंदुओं से होकर जाने वाली रेखा सही पूर्व-पश्चिम रेखा है।
11अभ्यास: 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर सहित)परीक्षा के प्रश्न
पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना कहलाता है: (a) परिक्रमण (b) घूर्णन (c) झुकाव (d) गुरुत्वाकर्षण
(b) घूर्णन।
सूर्य के चारों ओर स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति: (a) घूर्णन (b) परिक्रमण (c) दैनिक गति (d) प्रदीप्ति
(b) परिक्रमण।
पृथ्वी का अक्ष कक्षीय समतल से कितने अंश का कोण बनाता है? (a) 23½° (b) 66½° (c) 90° (d) 45°
(b) 66½°।
पृथ्वी के कक्ष द्वारा बनाए गए समतल को कहते हैं: (a) विषुवत् वृत्त (b) कक्षीय समतल (c) प्रदीप्ति वृत्त (d) अक्ष
(b)।
दिन और रात को बाँटने वाला वृत्त: (a) विषुवत् वृत्त (b) प्रदीप्ति वृत्त (c) कर्क रेखा (d) ध्रुव वृत्त
(b) प्रदीप्ति वृत्त।
प्रदीप्ति वृत्त के बारे में सही: (a) अक्ष के साथ मिलता है (b) अक्ष के साथ नहीं मिलता (c) केवल ध्रुवों पर है (d) विषुवत् वृत्त ही है
(b)।
एक समय में पृथ्वी के कितने भाग पर सूर्य की रोशनी पड़ती है? (a) पूरी पृथ्वी (b) आधे भाग पर (c) एक-चौथाई (d) तीन-चौथाई
(b) आधे भाग पर, क्योंकि पृथ्वी गोले जैसी है।
पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर लगभग कितने समय में पूरा करती है? (a) 12 घंटे (b) 24 घंटे (c) 365 दिन (d) 1 महीना
(b) 24 घंटे।
घूर्णन के समय काल को कहते हैं: (a) पृथ्वी दिन (b) लीप वर्ष (c) विषुव (d) अयनांत
(a) पृथ्वी दिन (दैनिक गति)।
अगर पृथ्वी घूर्णन न करे तो: (a) सब जगह दिन (b) एक भाग में सदा दिन-गर्मी, दूसरे में सदा रात-ठंड (c) कोई अंतर नहीं (d) ऋतुएँ तेज़
(b); तब जीवन संभव नहीं।
पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर लगाती है: (a) 365 दिन में (b) 365¼ दिन में (c) 366 दिन में (d) 360 दिन में
(b) 365¼ दिन।
लीप वर्ष में दिनों की संख्या: (a) 365 (b) 366 (c) 364 (d) 360
(b) 366।
लीप वर्ष में अतिरिक्त दिन किस महीने में जोड़ा जाता है? (a) जनवरी (b) फ़रवरी (c) मार्च (d) दिसंबर
(b) फ़रवरी (29 दिन)।
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर किस पथ पर घूमती है? (a) वृत्ताकार (b) दीर्घवृत्ताकार (c) सीधी रेखा (d) त्रिकोण
(b) दीर्घवृत्ताकार।
पृथ्वी का अक्ष पूरे कक्ष में: (a) दिशा बदलता रहता है (b) एक ही दिशा में झुका रहता है (c) सीधा रहता है (d) कभी-कभी उलट जाता है
(b)।
ऋतुओं में परिवर्तन किस कारण होता है? (a) केवल घूर्णन (b) परिक्रमण और अक्ष का झुकाव (c) चंद्रमा (d) बादल
(b)।
21 जून को सूर्य की किरणें किस रेखा पर सीधी पड़ती हैं? (a) मकर रेखा (b) कर्क रेखा (c) विषुवत् वृत्त (d) उत्तर ध्रुव वृत्त
(b) कर्क रेखा।
21 जून की अवस्था को कहते हैं: (a) दक्षिण अयनांत (b) उत्तर अयनांत (c) विषुव (d) लीप
(b) उत्तर अयनांत; उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन।
22 दिसंबर को सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं: (a) कर्क रेखा पर (b) मकर रेखा पर (c) विषुवत् वृत्त पर (d) उत्तरी ध्रुव पर
(b) मकर रेखा पर (दक्षिण अयनांत)।
22 दिसंबर को दक्षिणी गोलार्ध में कौन-सी ऋतु होती है? (a) शीत (b) ग्रीष्म (c) वसंत (d) शरद
(b) ग्रीष्म; लंबे दिन, छोटी रातें।
ग्रीष्म ऋतु में क्रिसमस कहाँ मनाया जाता है? (a) भारत (b) जापान (c) ऑस्ट्रेलिया (d) इंग्लैंड
(c) ऑस्ट्रेलिया।
पूरी पृथ्वी पर दिन-रात बराबर किस दिन होते हैं? (a) 21 जून (b) 22 दिसंबर (c) 21 मार्च (d) 25 दिसंबर
(c) 21 मार्च (और 23 सितंबर): विषुव।
23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में कौन-सी ऋतु होती है? (a) वसंत (b) शरद (c) ग्रीष्म (d) शीत
(b) शरद; दक्षिणी गोलार्ध में वसंत।
उत्तर ध्रुव वृत्त के आगे के भागों में 21 जून के आसपास: (a) लगातार रात (b) लगभग 6 महीने लगातार दिन (c) 12 घंटे दिन (d) बर्फ़ नहीं
(b)।
छड़ी की छाया का पहला चिह्न हमेशा किस दिशा में होता है? (a) पूर्व (b) पश्चिम (c) उत्तर (d) दक्षिण
(b) पश्चिम (सुबह सूर्य पूर्व में होता है)।
12सही/गलत, लघु, दीर्घ और HOTS प्रश्नपरीक्षा के प्रश्न
सही या ग़लत
- प्रदीप्ति वृत्त अक्ष के साथ मिलता है। ग़लत।
- हम वर्ष को 365 दिन का मानते हैं और 6 घंटे नहीं जोड़ते। सही।
- 22 दिसंबर को उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है। ग़लत (सबसे लंबा दिन 21 जून को; 22 दिसंबर को उत्तर में दिन छोटे)।
- विषुव के दिन कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता। सही।
- पृथ्वी पूर्व से पश्चिम की ओर घूमती है। ग़लत (पश्चिम से पूर्व)।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2-3 अंक)
- दिन और रात कैसे होते हैं? (गोलाकार पृथ्वी, एक समय में आधा भाग रोशन; घूर्णन से हर भाग बारी-बारी सूर्य के सामने)
- प्रदीप्ति वृत्त क्या है? (दिन और रात को बाँटने वाला वृत्त; अक्ष के साथ नहीं मिलता)
- लीप वर्ष क्यों होता है? (365¼ दिन; 4 × 6 घंटे = 1 दिन; फ़रवरी 29)
- ऋतुएँ क्यों बदलती हैं? (परिक्रमण; अक्ष एक ही दिशा में झुका; सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की स्थिति बदलती है)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- पृथ्वी के परिक्रमण और ऋतु परिवर्तन का वर्णन चित्र सहित कीजिए। (दीर्घवृत्ताकार कक्ष; 365¼ दिन; झुका अक्ष; 21 जून, 23 सितंबर, 22 दिसंबर, 21 मार्च की स्थितियाँ और दोनों गोलार्धों की ऋतुएँ; चित्र 3.3)
- उत्तर अयनांत, दक्षिण अयनांत और विषुव को समझाइए। (तिथि, सीधी किरणें कहाँ, कौन-सा ध्रुव झुका, दिन की लंबाई, ऋतु)
HOTS (सोचकर उत्तर दीजिए)
- अगर पृथ्वी का अक्ष झुका न होता (सीधा होता), तो क्या ऋतुएँ बदलतीं? (संकेत: किरणें सदा विषुवत् वृत्त पर सीधी; हर जगह साल भर लगभग एक-सा मौसम, दिन-रात बराबर; किताब: ऋतु परिवर्तन परिक्रमण और अक्ष के निश्चित दिशा में झुके होने से होता है)
- दिल्ली में दिसंबर में ठंड क्यों होती है, जबकि उसी समय सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में गर्मी? (संकेत: 22 दिसंबर, मकर रेखा पर सीधी किरणें, दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर)
- 2100 को 4 से भाग देने पर भाग पूरा जाता है। क्या यह लीप वर्ष होगा? (संकेत: किताब का नियम हर चौथे वर्ष का है; पर कैलेंडर में शताब्दी वर्ष तभी लीप होता है जब वह 400 से भी बँटे, इसलिए 2100 लीप वर्ष नहीं होगा। यह बात किताब से आगे की है।)
13याद रखेंयाद रखें
- घूर्णन: अपने अक्ष पर, लगभग 24 घंटे, पृथ्वी दिन / दैनिक गति → दिन और रात।
- परिक्रमण: सूर्य के चारों ओर, 365¼ दिन → ऋतुएँ।
- अक्ष: कक्षीय समतल से 66½° (लंब से 23½°), पूरे कक्ष में एक ही दिशा में झुका।
- प्रदीप्ति वृत्त: दिन और रात की सीमा; अक्ष के साथ नहीं मिलता।
- लीप वर्ष: 366 दिन, फ़रवरी में 29 दिन, हर चौथे वर्ष।
- कक्ष दीर्घवृत्ताकार।
- 21 जून: उत्तर अयनांत (कर्क रेखा, उत्तर में सबसे लंबा दिन); 22 दिसंबर: दक्षिण अयनांत (मकर रेखा, दक्षिण में ग्रीष्म; ऑस्ट्रेलिया में गर्मी में क्रिसमस)।
- 21 मार्च और 23 सितंबर: विषुव (विषुवत् वृत्त, दिन-रात बराबर)।
- ध्रुवों पर लगभग 6 महीने दिन, 6 महीने रात।
© Pankaj Bediya · TGT Geography · Geoland.in
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