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पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति: कक्षा 6, अध्याय 1 (नई किताब)

मानचित्र के घटक (दूरी, दिशा, प्रतीक), ग्रिड, अक्षांश और देशांतर, ग्रीनविच और उज्जैन की मध्य रेखा, देशांतर से समय और भारतीय मानक समय: छूकर स्थान खोजने वाले 3D ग्लोब पर, NCERT की नई किताब के अनुसार पूरे नोट्स के साथ।

कक्षा 6 · नई किताब · अध्याय 1NCERT · कक्षा 6नई किताब · अध्याय 13D मॉडल
दृश्य 1 / 4ग्रिड

पृथ्वी पर किसी भी जगह का पता: दो संख्याएँ

मानचित्र पृथ्वी के पूरे या किसी भाग का समतल सतह पर बना चित्र है। हर मानचित्र के तीन घटक होते हैं: दूरी (मापनी), दिशा और प्रतीक।

पृथ्वी पर किसी स्थान की ठीक स्थिति अक्षांश और देशांतर से बताई जाती है, जैसे नई दिल्ली लगभग 28° 37′ उ, 77° 13′ पू। देशांतर से समय भी पता चलता है: 15° = 1 घंटा। भारत का मानक समय 82° 30′ पू से तय होता है।

याद रखें

  • मानचित्र के घटक: दूरी (मापनी), दिशा, प्रतीक।
  • प्रधान दिशाएँ: उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम; मध्यवर्ती: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।
  • भूमध्य रेखा 0°; कर्क रेखा 23½° उ; मकर रेखा 23½° द; आर्कटिक वृत्त 66½° उ; अंटार्कटिक वृत्त 66½° द; ध्रुव 90°।
  • प्रधान मध्याह्न रेखा 0°: ग्रीनविच (लंदन); प्राचीन भारत की मध्य रेखा: उज्जैन।
  • 15° = 1 घंटा; 1° = 4 मिनट; पूर्व में समय आगे, पश्चिम में पीछे।
  • भारतीय मानक समय: 82° 30′ पू (मिर्ज़ापुर के पास) = ग्रीनविच + 5 घंटे 30 मिनट।

नोट्सपढ़ने और पढ़ाने के लिए पूरी जानकारी

NCERT कक्षा 6 · समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे (नई किताब) · अध्याय 1: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

1इस अध्याय के बड़े प्रश्न

  • इस अध्याय में हम तीन बड़े प्रश्नों के उत्तर खोजेंगे:
  • 1. मानचित्र क्या है और यह हमारे किस काम आता है?
  • 2. मानचित्र के घटक (मुख्य भाग) कौन-से हैं?
  • 3. पृथ्वी पर किसी स्थान की ठीक स्थिति कैसे बताई जाती है?
  • (ध्यान दें: ये नोट्स नई किताब के विषयों के क्रम में बने हैं। किताब के बॉक्स, गतिविधियाँ और प्रश्न शब्दशः यहाँ नहीं हैं; उनके जैसे अभ्यास नीचे दिए हैं।)

2मानचित्र और ग्लोब

ग्लोब पृथ्वी का 3D मॉडल है; मानचित्र समतल सतह पर बना चित्र है

NCERT: मानचित्र पृथ्वी की सतह के पूरे या किसी भाग का समतल सतह पर बना निरूपण है।

  • ग्लोब पृथ्वी का छोटा 3D मॉडल है। इस पर देशों और महासागरों के आकार, दिशाएँ और दूरियाँ सबसे सही दिखती हैं।
  • पर ग्लोब पर पूरी पृथ्वी एक साथ नहीं दिखती, इसे जेब में नहीं रख सकते, और किसी छोटे भाग (जैसे अपना मोहल्ला) को विस्तार से नहीं दिखा सकते।
  • मानचित्र को मोड़कर कहीं भी ले जा सकते हैं। यह पूरी दुनिया भी दिखा सकता है और एक छोटा गाँव भी।
  • आज हम मोबाइल फ़ोन पर भी मानचित्र देखते हैं। उपग्रहों की मदद से (GPS) फ़ोन हमारी ठीक जगह बता देता है।
ग्लोबमानचित्र
आकारगोल (3D)समतल (2D)
क्या दिखता हैपूरी पृथ्वी, पर एक बार में आधीपूरी पृथ्वी या कोई भी छोटा भाग
ले जानाकठिनआसान
विस्तारकमबहुत अधिक हो सकता है

रेखाचित्र (स्केच)

  • बिना मापनी के, याद के आधार पर बना मोटा-मोटा चित्र रेखाचित्र कहलाता है। जैसे: किसी को अपने घर का रास्ता समझाने के लिए बनाया चित्र।

3मानचित्र के तीन घटक

दूरी (मापनी), दिशा और प्रतीक

1. दूरी (मापनी)

  • मानचित्र पर असली दूरी को छोटा करके दिखाया जाता है। मानचित्र की दूरी और ज़मीन की असली दूरी के अनुपात को मापनी कहते हैं।
  • जैसे: 1 सेमी = 1 किमी का अर्थ है कि मानचित्र पर 1 सेमी, ज़मीन पर 1 किमी के बराबर है। मानचित्र पर 5 सेमी हों तो असली दूरी 5 किमी।
  • छोटे भाग (मोहल्ला, गाँव) के मानचित्र में अधिक विस्तार होता है; बड़े भाग (देश, दुनिया) के मानचित्र में कम।

2. दिशा

चार प्रधान और चार मध्यवर्ती दिशाएँ
  • चार प्रधान दिशाएँ: उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम।
  • चार मध्यवर्ती दिशाएँ: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।
  • अधिकतर मानचित्रों में ऊपर उत्तर होता है। एक छोटे तीर पर "उ" लिखकर उत्तर दिखाया जाता है।
  • कंपास (दिक्सूचक) की सुई सदा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है। सूर्य पूर्व में उगता है; रात में ध्रुव तारा उत्तर दिशा बताता है।

3. प्रतीक

रूढ़ प्रतीक और रंग
  • मानचित्र पर हर चीज़ का असली चित्र बनाना संभव नहीं। इसलिए छोटे चिह्न, अक्षर और रंग इस्तेमाल होते हैं। इन्हें प्रतीक कहते हैं।
  • जिन प्रतीकों का अर्थ पूरी दुनिया में लगभग एक जैसा समझा जाता है, उन्हें रूढ़ प्रतीक कहते हैं।
  • रंग: नीला = जल; हरा = मैदान, वन; पीला = पठार; भूरा = पर्वत; सफ़ेद = बर्फ़।
  • मानचित्र के कोने में संकेत (कुंजी) दी होती है, जो प्रतीकों का अर्थ बताती है।

4मानचित्र पढ़ने का अभ्यास

मोहल्ले का मानचित्र: घर से विद्यालय तक का रास्ता
  • ऊपर के मानचित्र को ध्यान से देखिए: उत्तर का तीर नीचे दाईं ओर है (उसकी लाल नोक उत्तर दिखाती है), और मापनी नीचे है (100 मीटर के खंड)।
  • प्रश्न और उत्तर:
  • 1. विद्यालय मेरे घर से किस दिशा में है? उत्तर-पूर्व में।
  • 2. मंदिर घर से किस दिशा में है? उत्तर में।
  • 3. घर से विद्यालय तक सड़क से कितनी दूरी है? पूर्व की ओर लगभग 550 मीटर, फिर उत्तर की ओर लगभग 420 मीटर: कुल लगभग 1 किलोमीटर।
  • 4. रास्ते में नदी कैसे पार होती है? पुल से।
  • 5. रेलवे स्टेशन विद्यालय से किस दिशा में है? पश्चिम में (थोड़ा उत्तर की ओर)।
  • गतिविधि: अपने घर से विद्यालय तक का रेखाचित्र बनाइए। उस पर उत्तर का तीर, रास्ते के मुख्य स्थान (दुकान, मंदिर, पेड़, तालाब) प्रतीकों से दिखाइए।

5ग्रिड: स्थान बताने का तरीका

कक्षा की सीट जैसे ही पृथ्वी पर स्थान: पंक्ति और कॉलम
  • कक्षा में आपकी सीट बताने के लिए कहते हैं: "पंक्ति ग, कॉलम 4"। दो जानकारियों से जगह ठीक-ठीक पता चल जाती है।
  • पृथ्वी पर भी ऐसा ही होता है। ग्लोब पर दो तरह की काल्पनिक रेखाएँ खींची जाती हैं:
  • अक्षांश रेखाएँ: पूर्व से पश्चिम खिंची हुई, पंक्तियों जैसी।
  • देशांतर रेखाएँ: उत्तर से दक्षिण खिंची हुई, कॉलम जैसी।
  • ये रेखाएँ मिलकर एक जाल बनाती हैं, जिसे ग्रिड कहते हैं। किसी स्थान का अक्षांश और देशांतर बताकर उसकी ठीक स्थिति बताई जा सकती है।
  • जैसे: 20° उ, 80° पू भारत के बीच में पड़ता है।
  • अक्षांश और देशांतर डिग्री (°) में नापे जाते हैं। 1 डिग्री के 60 भाग मिनट (′) कहलाते हैं। जैसे: 23° 30′।
  • (3D मॉडल का दृश्य 1: ग्लोब छूकर किसी भी जगह का अक्षांश-देशांतर देखिए; खेल में स्थान खोजिए।)

6अक्षांश

भूमध्य रेखा, कर्क और मकर रेखा, आर्कटिक और अंटार्कटिक वृत्त, ध्रुव

NCERT: भूमध्य रेखा से किसी स्थान की उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी को उसका अक्षांश कहते हैं।

  • भूमध्य रेखा (विषुवत् वृत्त) 0° अक्षांश है। यह उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव के ठीक बीच में है और पृथ्वी को उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध में बाँटती है।
  • भूमध्य रेखा के उत्तर के अक्षांश "उ" (उत्तर) और दक्षिण के "द" (दक्षिण) लिखे जाते हैं। 0° से 90° तक।
  • अक्षांश रेखाएँ समानांतर वृत्त हैं, एक-दूसरे को नहीं काटतीं। ध्रुवों की ओर वृत्त छोटे होते जाते हैं। ध्रुव (90°) केवल बिंदु हैं।
  • 1° के अंतर पर खींचें तो उत्तर में 90, दक्षिण में 90 और भूमध्य रेखा मिलाकर 181 अक्षांश होते हैं।
अक्षांशनाम
0°भूमध्य रेखा
23½° उकर्क रेखा
23½° दमकर रेखा
66½° उआर्कटिक वृत्त
66½° दअंटार्कटिक वृत्त
90° उ / 90° दउत्तरी / दक्षिणी ध्रुव
  • कर्क रेखा भारत के बीच से गुज़रती है: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम (8 राज्य)।
  • भारत पूरा का पूरा उत्तरी गोलार्ध में है: लगभग 8° 4′ उ से 37° 6′ उ तक।
  • (3D मॉडल का दृश्य 2: गोलार्ध चुनकर देखिए।)

7देशांतर

प्रधान मध्याह्न रेखा, पूर्वी और पश्चिमी गोलार्ध

NCERT: प्रधान मध्याह्न रेखा से किसी स्थान की पूर्व या पश्चिम की कोणीय दूरी को उसका देशांतर कहते हैं।

  • देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर या मध्याह्न रेखाएँ) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक खिंची अर्धवृत्ताकार रेखाएँ हैं।
  • सभी देशांतर रेखाएँ बराबर लंबी होती हैं और ध्रुवों पर आकर मिलती हैं। भूमध्य रेखा पर इनके बीच की दूरी सबसे अधिक होती है।
  • 0° देशांतर को प्रधान मध्याह्न रेखा कहते हैं। यह लंदन के ग्रीनविच (जहाँ ब्रिटिश राजकीय वेधशाला है) से होकर गुज़रती है। 1884 में दुनिया के देशों ने इसे मान लिया।
  • इससे पूर्व में 180° तक पूर्वी देशांतर ("पू") और पश्चिम में 180° तक पश्चिमी देशांतर ("प")। 180° पूर्व और 180° पश्चिम एक ही रेखा है।
  • प्रधान मध्याह्न रेखा और 180° रेखा मिलकर पृथ्वी को पूर्वी गोलार्ध और पश्चिमी गोलार्ध में बाँटती हैं।
  • 1° के अंतर पर कुल 360 देशांतर होते हैं।
  • भारत पूर्वी गोलार्ध में है: लगभग 68° 7′ पू से 97° 25′ पू तक।
अक्षांशदेशांतर
किससे नापते हैंभूमध्य रेखा (0°)प्रधान मध्याह्न रेखा (0°)
कितने तक90° उ और 90° द180° पू और 180° प
आकारपूरे वृत्त, ध्रुवों की ओर छोटेअर्धवृत्त, सभी बराबर
आपस मेंसमानांतर, कभी नहीं मिलतेध्रुवों पर मिलते हैं

8उज्जैन: भारत की प्राचीन मध्य रेखा

ग्रीनविच (0°) और उज्जैन की मध्य रेखा
  • ग्रीनविच की रेखा को 0° मानने का निर्णय 1884 में हुआ। उससे सदियों पहले भारत की अपनी एक प्रधान मध्याह्न रेखा थी।
  • भारतीय खगोलशास्त्र में उज्जैन (मध्य प्रदेश) से गुज़रने वाली रेखा को "मध्य रेखा" माना जाता था। पंचांग (कैलेंडर) और ग्रहों की गणना इसी रेखा को आधार मानकर की जाती थी।
  • उज्जैन सदियों तक खगोल-विज्ञान का बड़ा केंद्र रहा। यह कर्क रेखा के बहुत पास है।
  • आज के देशांतर में उज्जैन लगभग 75° 46′ पू पर है। यानी ग्रीनविच से लगभग 5 घंटे 3 मिनट आगे (75.77 × 4 मिनट)।
  • (3D मॉडल का दृश्य 3: दोनों रेखाएँ एक साथ देखिए।)

9देशांतर और समय

पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है: 15° = 1 घंटा
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इसलिए सूर्य पूर्व में उगता दिखता है।
  • पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है। 360 ÷ 24 = 15°: यानी 1 घंटे में 15° और 1° में 4 मिनट।
  • जहाँ सूर्य आकाश में सबसे ऊँचा होता है, वहाँ दोपहर 12 बजे होते हैं। जो स्थान पूर्व में हैं, वहाँ सूर्य पहले पहुँचता है, इसलिए वहाँ समय आगे होता है। पश्चिम के स्थानों में समय पीछे होता है।

गणना कैसे करें

  • चरण 1: दोनों स्थानों के देशांतर का अंतर निकालिए (दोनों एक ओर हों तो घटाइए, अलग-अलग ओर हों तो जोड़िए)।
  • चरण 2: अंतर × 4 = मिनट। फिर घंटे-मिनट बनाइए।
  • चरण 3: पूर्व वाला स्थान हो तो समय जोड़िए, पश्चिम वाला हो तो घटाइए।
  • उदाहरण 1: ग्रीनविच में दोपहर 12:00 बजे हैं। 82° 30′ पू पर? 82.5 × 4 = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट आगे → शाम 5:30।
  • उदाहरण 2: ग्रीनविच में दोपहर 12:00। 75° प पर? 75 × 4 = 300 मिनट = 5 घंटे पीछे → सुबह 7:00।
  • उदाहरण 3: 30° पू और 45° प के बीच अंतर? 30 + 45 = 75° → 300 मिनट = 5 घंटे।

समय क्षेत्र

  • हर स्थान अपने देशांतर का अलग स्थानीय समय रखे तो बड़ी गड़बड़ होगी (रेल, डाक, बैंक)। इसलिए देश अपने लिए एक रेखा चुनकर उसके समय को मानक समय मान लेते हैं।
  • दुनिया को लगभग 24 समय क्षेत्रों में बाँटा गया है, हर एक लगभग 15° चौड़ा।
  • बहुत बड़े देशों में एक से अधिक समय क्षेत्र होते हैं। जैसे: रूस में 11, अमेरिका में कई।
  • (3D मॉडल का दृश्य 4: समय बदलकर दिन-रात और शहरों की घड़ियाँ देखिए।)

10भारतीय मानक समय

82° 30′ पू: मिर्ज़ापुर के पास से गुज़रने वाली मानक रेखा
  • भारत पश्चिम में 68° 7′ पू (गुजरात) से पूर्व में 97° 25′ पू (अरुणाचल प्रदेश) तक फैला है: लगभग 29° का अंतर।
  • 29 × 4 मिनट ≈ 2 घंटे। यानी अरुणाचल प्रदेश में सूर्य गुजरात से लगभग 2 घंटे पहले उगता है।
  • पूरे देश में एक ही समय रहे, इसलिए देश के लगभग बीच से गुज़रने वाली 82° 30′ पू रेखा को मानक याम्योत्तर चुना गया। यह उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर के पास से गुज़रती है।
  • इस रेखा के स्थानीय समय को भारतीय मानक समय (IST) कहते हैं। यह ग्रीनविच से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
  • 82.5 को 7.5 (आधा समय क्षेत्र) के गुणज के रूप में चुना गया: 82.5 ÷ 15 = 5.5 घंटे।

11महत्त्वपूर्ण शब्द

शब्दअर्थ
मानचित्रपृथ्वी के पूरे या किसी भाग का समतल सतह पर निरूपण
ग्लोबपृथ्वी का छोटा 3D मॉडल
रेखाचित्रबिना मापनी के, याद से बना मोटा चित्र
मापनीमानचित्र की दूरी और असली दूरी का अनुपात
रूढ़ प्रतीकदुनिया भर में एक जैसे समझे जाने वाले चिह्न
अक्षांशभूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी
देशांतरप्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व या पश्चिम की कोणीय दूरी
ग्रिडअक्षांश और देशांतर रेखाओं का जाल
गोलार्धपृथ्वी का आधा भाग
प्रधान मध्याह्न रेखा0° देशांतर (ग्रीनविच)
मध्य रेखाप्राचीन भारत की प्रधान मध्याह्न रेखा (उज्जैन)
मानक समयकिसी देश की चुनी हुई रेखा का समय, जो पूरे देश में माना जाता है

12अभ्यास के प्रश्न और उत्तरपरीक्षा के प्रश्न

  • (ये प्रश्न किताब के प्रश्नों जैसे बनाए गए हैं। किताब के प्रश्न शब्दशः अलग हो सकते हैं।)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (सही विकल्प)

  1. पृथ्वी का 3D मॉडल है: (क) मानचित्र (ख) ग्लोब (ग) रेखाचित्र (घ) योजना
  2. मानचित्र के घटक हैं: (क) दूरी, दिशा, प्रतीक (ख) रंग, आकार, नाम (ग) पर्वत, नदी, समुद्र (घ) अक्षांश, ध्रुव, तारा
  3. 0° अक्षांश को कहते हैं: (क) कर्क रेखा (ख) भूमध्य रेखा (ग) प्रधान मध्याह्न रेखा (घ) आर्कटिक वृत्त
  4. प्रधान मध्याह्न रेखा गुज़रती है: (क) उज्जैन से (ख) ग्रीनविच से (ग) मिर्ज़ापुर से (घ) पेरिस से
  5. कर्क रेखा का अक्षांश है: (क) 0° (ख) 23½° उ (ग) 23½° द (घ) 66½° उ
  6. मकर रेखा किस गोलार्ध में है? (क) उत्तरी (ख) दक्षिणी (ग) पूर्वी (घ) पश्चिमी
  7. 1 घंटे में पृथ्वी घूमती है: (क) 1° (ख) 4° (ग) 15° (घ) 24°
  8. 1° देशांतर के लिए समय का अंतर: (क) 1 मिनट (ख) 4 मिनट (ग) 15 मिनट (घ) 1 घंटा
  9. भारतीय मानक समय की रेखा है: (क) 75° पू (ख) 80° पू (ग) 82° 30′ पू (घ) 90° पू
  10. भारतीय मानक समय ग्रीनविच से: (क) 5 घंटे पीछे (ख) 5 घंटे 30 मिनट आगे (ग) 6 घंटे आगे (घ) बराबर
  11. प्राचीन भारत की मध्य रेखा गुज़रती थी: (क) वाराणसी (ख) उज्जैन (ग) पाटलिपुत्र (घ) दिल्ली
  12. कुल देशांतर (1° के अंतर पर): (क) 180 (ख) 181 (ग) 360 (घ) 90
  13. ध्रुव कितने अंश पर हैं? (क) 0° (ख) 66½° (ग) 90° (घ) 180°
  14. मानचित्र पर नीला रंग दिखाता है: (क) पर्वत (ख) जल (ग) पठार (घ) मैदान
  15. मानचित्र पर सामान्यतः ऊपर कौन-सी दिशा होती है? (क) उत्तर (ख) दक्षिण (ग) पूर्व (घ) पश्चिम

रिक्त स्थान भरिए

  1. भूमध्य रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में बाँटती है।
  2. सभी देशांतर रेखाएँ ध्रुवों पर मिलती हैं।
  3. कर्क रेखा भारत के 8 राज्यों से गुज़रती है।
  4. मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश राज्य में है।
  5. बिना मापनी के बना मोटा चित्र रेखाचित्र कहलाता है।

सही या गलत

  1. सभी अक्षांश वृत्त बराबर लंबे होते हैं। → गलत (ध्रुवों की ओर छोटे होते जाते हैं)
  2. सभी देशांतर रेखाएँ बराबर लंबी होती हैं। → सही
  3. ग्रीनविच से पूर्व के स्थानों में समय पीछे होता है। → गलत (आगे होता है)
  4. भारत पूर्वी और उत्तरी, दोनों गोलार्धों में है। → सही
  5. 180° पूर्व और 180° पश्चिम दो अलग रेखाएँ हैं। → गलत (एक ही रेखा)

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. ग्लोब की तुलना में मानचित्र के दो लाभ लिखिए। मानचित्र को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है; यह पूरी पृथ्वी एक साथ और छोटे भाग को विस्तार से दिखा सकता है।

2. मापनी किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए। मानचित्र पर की दूरी और ज़मीन की असली दूरी के अनुपात को मापनी कहते हैं। जैसे 1 सेमी = 1 किमी।

3. अक्षांश और देशांतर में दो अंतर लिखिए। अक्षांश भूमध्य रेखा से उत्तर-दक्षिण नापा जाता है (0° से 90°), देशांतर प्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व-पश्चिम (0° से 180°)। अक्षांश वृत्त ध्रुवों की ओर छोटे होते हैं; सभी देशांतर बराबर लंबे होते हैं और ध्रुवों पर मिलते हैं।

4. भारत को मानक समय की आवश्यकता क्यों पड़ी? भारत पूर्व-पश्चिम लगभग 29° फैला है, जिससे स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर है। हर जगह अलग समय से रेल, डाक, दफ़्तर का काम बिगड़ता, इसलिए पूरे देश के लिए एक मानक समय चुना गया।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. मानचित्र के तीनों घटकों का वर्णन कीजिए। (ऊपर "मानचित्र के तीन घटक" वाले नोट्स से: दूरी/मापनी, दिशा (प्रधान और मध्यवर्ती), प्रतीक और रंग, उदाहरण सहित।)

2. देशांतर और समय का संबंध समझाइए। ग्रीनविच में सुबह 10 बजे हों तो भारत (82° 30′ पू) में कितने बजे होंगे? पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है, यानी 15° = 1 घंटा और 1° = 4 मिनट। 82.5 × 4 = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट; भारत पूर्व में है, इसलिए समय आगे: 10:00 + 5:30 = दोपहर 3:30।

HOTS (सोचिए और बताइए)

  1. अगर ग्लोब पर अक्षांश-देशांतर न होते तो जहाज़ के कप्तान को समुद्र के बीच अपनी जगह कैसे बताती? कोई निश्चित पता नहीं होता; "पास में कोई चिह्न नहीं" वाले समुद्र में जगह बताना लगभग असंभव होता। इसीलिए ग्रिड ज़रूरी है।
  2. भारत ने 82° 30′ पू ही क्यों चुना? यह देश के लगभग बीच से गुज़रता है, जिससे पूर्व और पश्चिम दोनों छोरों पर अंतर लगभग बराबर (लगभग 1 घंटा) रहता है; और यह 7.5° का गुणज है, जिससे समय ग्रीनविच से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे बनता है।
  3. किसी देश में 11 समय क्षेत्र क्यों हो सकते हैं? क्योंकि वह पूर्व-पश्चिम बहुत अधिक (150° से भी अधिक) फैला है, जैसे रूस।

गतिविधियाँ

  1. ग्लोब या एटलस में अपने राज्य की राजधानी का अक्षांश और देशांतर खोजिए और लिखिए।
  2. मानचित्र पर कर्क रेखा पर स्थित भारत के 8 राज्यों में रंग भरिए।
  3. घर से विद्यालय तक का रेखाचित्र बनाइए, उसमें उत्तर का तीर और 5 प्रतीक दिखाइए।
  4. 3D मॉडल का खेल खेलिए: 10 में से कितने स्थान सही खोज पाए?

13याद रखेंयाद रखें

  • मानचित्र: समतल सतह पर पृथ्वी का निरूपण; ग्लोब: पृथ्वी का 3D मॉडल।
  • मानचित्र के घटक: दूरी (मापनी), दिशा, प्रतीक।
  • दिशाएँ: 4 प्रधान + 4 मध्यवर्ती; मानचित्र में ऊपर उत्तर।
  • अक्षांश: भूमध्य रेखा (0°) से उत्तर/दक्षिण, 90° तक; देशांतर: ग्रीनविच (0°) से पूर्व/पश्चिम, 180° तक।
  • कर्क रेखा 23½° उ भारत के 8 राज्यों से; मकर रेखा 23½° द; आर्कटिक/अंटार्कटिक वृत्त 66½°।
  • उज्जैन: प्राचीन भारत की मध्य रेखा (लगभग 75° 46′ पू)।
  • 15° = 1 घंटा, 1° = 4 मिनट; पूर्व में आगे, पश्चिम में पीछे।
  • IST: 82° 30′ पू (मिर्ज़ापुर) = ग्रीनविच + 5:30।

© Pankaj Bediya · TGT Geography · Geoland.in

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