मौसम, वनस्पति और जीव: सब जलवायु से जुड़े
भारत की जलवायु मानसूनी है। यहाँ चार ऋतुएँ हैं: शीत (दिसंबर-फ़रवरी), ग्रीष्म (मार्च-मई), दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून-सितंबर) और लौटता मानसून (अक्टूबर-नवंबर)। किसी स्थान की जलवायु उसकी स्थिति, ऊँचाई, समुद्र से दूरी और उच्चावच पर निर्भर करती है।
प्राकृतिक वनस्पति के पाँच प्रकार हैं: उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन, पर्णपाती (मानसूनी) वन, कंटीली झाड़ियाँ, पर्वतीय वनस्पति और मैंग्रोव वन। वन और वन्य प्राणी हमारी संपदा हैं: बाघ राष्ट्रीय पशु और मोर राष्ट्रीय पक्षी है।
याद रखें
- मौसम: रोज़ की स्थिति; जलवायु: लंबे समय का औसत।
- लू: ग्रीष्म में दिन की गर्म, शुष्क हवा; मौसिनराम: सबसे अधिक वर्षा।
- लौटता मानसून: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में अक्टूबर-नवंबर में वर्षा।
- वर्षा वन: महोगनी, आबनूस, रोज़वुड; पर्णपाती: साल, सागौन, नीम, शीशम; कंटीली: कैक्टस, बबूल।
- मैंग्रोव: सुंदरबन (सुंदरी पेड़); गिर: एशियाई शेर; वन्य जीव सप्ताह: अक्टूबर का पहला सप्ताह।
नोट्सपढ़ने और पढ़ाने के लिए पूरी जानकारी
NCERT कक्षा 6 · पृथ्वी: हमारा आवास (पुरानी किताब) · अध्याय 8: भारत: जलवायु, वनस्पति तथा वन्य प्राणी
1मौसम और जलवायु
NCERT: मौसम वायुमंडल में दिन-प्रतिदिन होने वाला परिवर्तन है। किसी स्थान पर लंबे समय (कई वर्षों) तक के मौसम का औसत उस स्थान की जलवायु कहलाता है।
- मौसम में तापमान, वर्षा, हवा और नमी की बात होती है; यह एक ही दिन में भी बदल सकता है।
- जलवायु जल्दी नहीं बदलती। जैसे: राजस्थान की जलवायु गर्म और शुष्क है, केरल की गर्म और नम।
- भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु कहते हैं। "मानसून" शब्द अरबी भाषा के "मौसिम" शब्द से बना है, जिसका अर्थ है ऋतु।
2भारत की चार ऋतुएँ
1. शीत ऋतु (दिसंबर से फ़रवरी)
- इस समय सूर्य की किरणें दक्षिण में सीधी पड़ती हैं (मकर रेखा पर), इसलिए उत्तर भारत में तापमान बहुत कम होता है।
- उत्तर-पूर्व से ठंडी, सूखी हवाएँ चलती हैं। हिमालय पर बर्फ़ गिरती है।
2. ग्रीष्म ऋतु (मार्च से मई)
- सूर्य की किरणें उत्तर की ओर सीधी होने लगती हैं, इसलिए देश के अधिकतर भागों में बहुत गर्मी होती है।
- दिन के समय गर्म और शुष्क हवाएँ चलती हैं, जिन्हें "लू" कहते हैं।
3. दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु (वर्षा ऋतु: जून से सितंबर)
- इस ऋतु की शुरुआत समुद्र से स्थल की ओर चलने वाली हवाओं से होती है, जो नमी से भरी होती हैं।
- इन्हें दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएँ कहते हैं। ये पर्वतों से टकराकर वर्षा करती हैं।
- भारत की अधिकतर वर्षा इसी ऋतु में होती है।
- मेघालय के मौसिनराम में विश्व की सबसे अधिक वर्षा होती है।
4. लौटता मानसून (शरद ऋतु: अक्टूबर और नवंबर)
- हवाएँ स्थल से समुद्र की ओर लौटने लगती हैं। इसे लौटता मानसून कहते हैं।
- बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुज़रते हुए ये नमी उठाती हैं और तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश में वर्षा करती हैं।
| ऋतु | महीने | हवाएँ | मौसम |
|---|---|---|---|
| शीत | दिसंबर-फ़रवरी | उत्तर-पूर्व से ठंडी, सूखी | ठंड; उत्तर में बहुत ठंड |
| ग्रीष्म | मार्च-मई | गर्म, शुष्क 'लू' | बहुत गर्म |
| दक्षिण-पश्चिम मानसून | जून-सितंबर | समुद्र से नम हवाएँ | अधिकतर वर्षा |
| लौटता मानसून | अक्टूबर-नवंबर | स्थल से समुद्र की ओर | तमिलनाडु, आंध्र में वर्षा |
- (3D मॉडल का दृश्य 1: दाईं ओर से ऋतु बदलकर हवाएँ, बादल और वर्षा देखिए।)
3मानसून: वर्षा कैसे होती है
- दक्षिण-पश्चिम मानसून दो शाखाओं में भारत पहुँचता है:
- अरब सागर शाखा: पश्चिमी घाट से टकराकर पश्चिमी तट (केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र तट) पर भारी वर्षा करती है। घाट के पूर्व की ओर, वृष्टि-छाया क्षेत्र में, वर्षा कम होती है।
- बंगाल की खाड़ी शाखा: उत्तर-पूर्व की पहाड़ियों से टकराकर मेघालय, असम में भारी वर्षा करती है (मौसिनराम, चेरापूँजी)। फिर हिमालय से रुककर पश्चिम की ओर मुड़ती है और गंगा के मैदान में वर्षा करती है।
- पूर्व से पश्चिम जाते हुए वर्षा घटती जाती है: कोलकाता में अधिक, दिल्ली में कम, राजस्थान (जैसलमेर) में बहुत कम।
- मानसून किसानों के लिए बहुत ज़रूरी है: खेती अधिकतर वर्षा पर निर्भर है।
- वृष्टि-छाया क्षेत्र: पर्वत के जिस ओर से हवा आती है, वहाँ भारी वर्षा होती है; पर्वत के पार उतरती हवा सूखी होती है, इसलिए वहाँ कम वर्षा होती है। जैसे: पश्चिमी घाट के पूर्व में दक्कन पठार के भाग।
किसी स्थान की जलवायु किन बातों पर निर्भर करती है?
| कारक | असर | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्थिति (अक्षांश) | विषुवत् वृत्त से दूर जाने पर तापमान घटता है | दक्षिण भारत गर्म, उत्तर में सर्दी अधिक |
| ऊँचाई | ऊपर जाने पर ठंडा | शिमला, ऊटी गर्मी में भी ठंडे |
| समुद्र से दूरी | तट पर सम (बहुत गर्म/ठंडा नहीं), दूर विषम | मुंबई सम, दिल्ली विषम |
| उच्चावच | पर्वत हवाओं को रोककर वर्षा कराते हैं | पश्चिमी घाट, हिमालय |
4प्राकृतिक वनस्पति
NCERT: बिना मनुष्य की सहायता के उगने वाली घास, झाड़ियाँ और पेड़-पौधे प्राकृतिक वनस्पति कहलाते हैं।
- अलग-अलग जलवायु, खासकर वर्षा की मात्रा, से अलग-अलग वनस्पति उगती है।
- भारत की प्राकृतिक वनस्पति को पाँच प्रकारों में बाँटा जाता है:
1. उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन
- भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में: पश्चिमी घाट, उत्तर-पूर्व के भाग और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
- बहुत घने वन। अलग-अलग पेड़ अलग समय पर पत्ते गिराते हैं, इसलिए वन सालभर हरे रहते हैं: इन्हें सदाबहार वन कहते हैं।
- मुख्य पेड़: महोगनी, आबनूस, रोज़वुड।
2. उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन (मानसूनी वन)
- भारत के बड़े भाग में: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ भाग।
- इन्हें मानसूनी वन भी कहते हैं। ये कम घने होते हैं।
- शुष्क ग्रीष्म में पानी बचाने के लिए पेड़ पत्ते गिरा देते हैं: इसलिए पर्णपाती कहलाते हैं।
- मुख्य पेड़: साल, सागौन, पीपल, नीम, शीशम।
3. कंटीली झाड़ियाँ
- कम वर्षा वाले शुष्क क्षेत्रों में: राजस्थान, गुजरात; पश्चिमी घाट की वृष्टि-छाया वाले भाग।
- पत्ते छोटे और कँटीले होते हैं, ताकि पानी कम उड़े।
- मुख्य: कैक्टस, खैर, बबूल, कीकर।
4. पर्वतीय वनस्पति
- ऊँचाई के साथ वनस्पति बदलती है।
- हिमालय में ठंडी जलवायु के कारण शंकुधारी (कोणधारी) पेड़: चीड़, देवदार।
5. मैंग्रोव वन
- ये खारे पानी में भी जीवित रह सकते हैं।
- नदियों के डेल्टा और तटों पर: सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) और अंडमान-निकोबार।
- सुंदरबन का नाम यहाँ के सुंदरी पेड़ों पर पड़ा है।
| प्रकार | कहाँ | पेड़ | वर्षा |
|---|---|---|---|
| वर्षा वन | पश्चिमी घाट, उत्तर-पूर्व, अंडमान | महोगनी, आबनूस, रोज़वुड | भारी |
| पर्णपाती | देश का बड़ा भाग | साल, सागौन, पीपल, नीम, शीशम | मध्यम |
| कंटीली झाड़ियाँ | राजस्थान, गुजरात | कैक्टस, खैर, बबूल, कीकर | बहुत कम |
| पर्वतीय | हिमालय | चीड़, देवदार | ठंडी |
| मैंग्रोव | सुंदरबन, अंडमान | सुंदरी | खारा पानी |
- (3D मॉडल का दृश्य 3: पाँचों प्रकार के 3D पेड़ देखिए।)
5वनों का महत्त्व और संरक्षण
- पेड़ ऑक्सीजन देते हैं, जिससे हम साँस लेते हैं।
- पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बाँधे रखती हैं और मिट्टी का कटाव रोकती हैं। वन बाढ़ भी कम करते हैं।
- वन वर्षा में सहायक होते हैं।
- वनों से हमें लकड़ी, फल, मेवे, रबड़, गोंद, शहद, औषधियाँ (जड़ी-बूटियाँ), कागज़ बनाने की लुगदी आदि मिलती हैं।
- वन वन्य प्राणियों का घर हैं।
- मनुष्य ने खेती, घर, उद्योग और सड़कों के लिए बहुत-से वन काट दिए हैं। इसे रोकना ज़रूरी है।
- क्या करें? पेड़ लगाएँ; वन महोत्सव (हर वर्ष जुलाई में) पर पौधे लगाएँ; कागज़ बचाएँ।
6वन्य प्राणी
- वनों में बहुत तरह के जंगली जीव, पक्षी, कीड़े और सरीसृप रहते हैं।
- बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है। यह देश के अलग-अलग भागों में पाया जाता है। सुंदरबन के बाघ तैर भी लेते हैं।
- गिर वन (गुजरात) एशियाई शेरों का घर है।
- हाथी: असम, कर्नाटक और केरल के वनों में।
- एक सींग वाला गैंडा: असम और पश्चिम बंगाल के दलदली भागों में।
- ऊँट और जंगली गधे: थार मरुस्थल और कच्छ के रण में।
- हिमालय में: याक, हिम तेंदुआ, लाल पांडा आदि (ठंड सहने वाले जीव)।
- अनेक बंदर, हिरन और दूसरे जीव भी हैं।
पक्षी
- मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है।
- तोते, कबूतर, मैना, बत्तख, सारस आदि भी बहुत हैं।
- सर्दियों में प्रवासी पक्षी (जैसे साइबेरियन सारस) ठंडे देशों से भारत आते हैं: भरतपुर (राजस्थान), सुल्तानपुर (हरियाणा), नल सरोवर (गुजरात), चिल्का झील (ओडिशा) जैसे पक्षी विहारों में।
वन्य जीवों का संरक्षण
- शिकार और वनों की कटाई से कई जीवों की संख्या घट गई है; कुछ विलुप्त होने के कगार पर हैं।
- इन्हें बचाने के लिए राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य और जैवमंडल निचय (बायोस्फीयर रिज़र्व) बनाए गए हैं।
- प्रोजेक्ट टाइगर (1973) और प्रोजेक्ट हाथी जैसी योजनाएँ चलाई गई हैं।
- हर वर्ष अक्टूबर का पहला सप्ताह वन्य जीव सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
- हम क्या करें? जंगली जीवों की खाल, सींग, पंख से बनी चीज़ें न खरीदें; जीवों को परेशान न करें।
- (3D मॉडल का दृश्य 4: किसी निशान को छूकर देखिए कि वहाँ कौन रहता है।)
7महत्त्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मौसम | वायुमंडल की दिन-प्रतिदिन की स्थिति |
| जलवायु | लंबे समय के मौसम का औसत |
| मानसून | ऋतु के अनुसार दिशा बदलने वाली हवाएँ ("मौसिम" = ऋतु) |
| लू | ग्रीष्म में दिन की गर्म, शुष्क हवा |
| लौटता मानसून | अक्टूबर-नवंबर में स्थल से समुद्र की ओर लौटती हवाएँ |
| वृष्टि-छाया | पर्वत के पीछे का कम वर्षा वाला भाग |
| प्राकृतिक वनस्पति | बिना मनुष्य की सहायता के उगने वाले पेड़-पौधे, घास |
| सदाबहार वन | सालभर हरे रहने वाले वन |
| पर्णपाती वन | शुष्क ऋतु में पत्ते गिराने वाले वन |
| शंकुधारी | शंकु के आकार वाले पेड़ (चीड़, देवदार) |
| मैंग्रोव | खारे पानी में उगने वाले वन (सुंदरी) |
| प्रवासी पक्षी | मौसम के अनुसार दूर देशों से आने-जाने वाले पक्षी |
| वन्य जीव अभयारण्य | वन्य जीवों की रक्षा के लिए सुरक्षित वन |
8पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तरपरीक्षा के प्रश्न
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(क) भारत में वर्षा कौन-सी हवाएँ लाती हैं? ये इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों हैं? दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएँ। भारत की अधिकतर वर्षा इन्हीं से होती है; खेती, पीने का पानी, नदियाँ और जलाशय इसी वर्षा पर निर्भर हैं, इसलिए ये बहुत महत्त्वपूर्ण हैं।
(ख) भारत की विभिन्न ऋतुओं के नाम बताइए। शीत ऋतु (दिसंबर-फ़रवरी), ग्रीष्म ऋतु (मार्च-मई), दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु (जून-सितंबर) और लौटते मानसून की ऋतु (अक्टूबर-नवंबर)।
(ग) प्राकृतिक वनस्पति क्या है? बिना मनुष्य की सहायता के अपने-आप उगने वाले घास, झाड़ियाँ और पेड़-पौधे प्राकृतिक वनस्पति कहलाते हैं।
(घ) भारत में पाई जाने वाली वनस्पति के प्रकारों के नाम बताइए। उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन, उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन, कंटीली झाड़ियाँ, पर्वतीय वनस्पति और मैंग्रोव वन।
(ङ) सदाबहार वन और पर्णपाती वन में क्या अंतर है? सदाबहार वन भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में होते हैं; इनके पेड़ अलग-अलग समय पर पत्ते गिराते हैं, इसलिए वन सालभर हरे रहते हैं। पर्णपाती वन मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में होते हैं; इनके पेड़ शुष्क ग्रीष्म में एक साथ पत्ते गिरा देते हैं।
(च) उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वनों को मानसूनी वन भी क्यों कहते हैं? ये वन उन क्षेत्रों में होते हैं जहाँ वर्षा मुख्य रूप से मानसून में होती है, और इनके पेड़ों का पत्ते गिराना और फिर से हरा होना मानसून पर निर्भर करता है।
2. सही उत्तर चिह्नित (✓) कीजिए।
(क) विश्व में सबसे अधिक वर्षा कहाँ होती है? (i) मुंबई (ii) आसनसोल (iii) मौसिनराम
(iii) मौसिनराम
(ख) मैंग्रोव वन कैसे पानी में जीवित रह सकते हैं? (i) खारे पानी (ii) मीठे पानी (iii) प्रदूषित पानी
(i) खारे पानी
(ग) महोगनी, आबनूस और रोज़वुड किन वनों में उगते हैं? (i) मैंग्रोव (ii) उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती (iii) उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन
(iii) उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन
(घ) ऊँट और जंगली गधे कहाँ पाए जाते हैं? (i) कच्छ के रण में (ii) गिर वन में (iii) सुंदरबन में
(i) कच्छ के रण में
(ङ) पर्णपाती वनों के प्रमुख पेड़: (i) साल, सागौन (ii) चीड़, देवदार (iii) कैक्टस, बबूल
(i) साल, सागौन
3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
- (क) गर्मियों में दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएँ लू कहलाती हैं।
- (ख) आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अधिकतर वर्षा अक्टूबर-नवंबर (लौटते मानसून) में होती है।
- (ग) गुजरात का गिर वन एशियाई शेरों का घर है।
- (घ) सुंदरबन में सुंदरी पेड़ पाए जाते हैं।
- (ङ) हर वर्ष अक्टूबर का पहला सप्ताह वन्य जीव सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
9आओ कुछ करेंपरीक्षा के प्रश्न
मानचित्र कार्य
भारत के रेखा-मानचित्र पर दिखाइए:
- मौसिनराम (सबसे अधिक वर्षा) और जैसलमेर (बहुत कम वर्षा)।
- दक्षिण-पश्चिम मानसून की दोनों शाखाओं की दिशा (तीर से)।
- पाँचों प्रकार की वनस्पति के क्षेत्र (अलग रंगों से)।
- गिर, काज़ीरंगा, सुंदरबन, जिम कॉर्बेट, भरतपुर, चिल्का झील।
अपने आस-पास देखिए
- अपने घर या स्कूल के पास के 5 पेड़ों के नाम लिखिए। उनमें से कौन पत्ते गिराता है और कब?
- एक सप्ताह तक हर दिन का मौसम (धूप, बादल, वर्षा, ठंड) डायरी में लिखिए। आपके क्षेत्र की जलवायु कैसी है?
- वन महोत्सव पर एक पौधा लगाइए और उसकी देखभाल कीजिए।
10अभ्यास: 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर सहित)परीक्षा के प्रश्न
- लंबे समय के मौसम का औसत: (क) ऋतु (ख) जलवायु (ग) मौसम (घ) तापमान → (ख) जलवायु
- "मानसून" शब्द किस भाषा से आया? (क) संस्कृत (ख) अरबी (ग) फ़ारसी (घ) अंग्रेज़ी → (ख) अरबी
- शीत ऋतु के महीने: (क) मार्च-मई (ख) दिसंबर-फ़रवरी (ग) जून-सितंबर (घ) अक्टूबर-नवंबर → (ख) दिसंबर-फ़रवरी
- 'लू' किस ऋतु में चलती है? (क) शीत (ख) ग्रीष्म (ग) वर्षा (घ) शरद → (ख) ग्रीष्म
- भारत की अधिकतर वर्षा: (क) शीत में (ख) दक्षिण-पश्चिम मानसून में (ग) लौटते मानसून में (घ) ग्रीष्म में → (ख) दक्षिण-पश्चिम मानसून में
- मौसिनराम किस राज्य में है? (क) असम (ख) मेघालय (ग) सिक्किम (घ) केरल → (ख) मेघालय
- लौटते मानसून से वर्षा: (क) राजस्थान (ख) पंजाब (ग) तमिलनाडु (घ) गुजरात → (ग) तमिलनाडु
- ऊँचाई के कारण ठंडा स्थान: (क) मुंबई (ख) चेन्नई (ग) शिमला (घ) कोलकाता → (ग) शिमला
- सम जलवायु वाला स्थान (समुद्र के पास): (क) दिल्ली (ख) मुंबई (ग) जयपुर (घ) लखनऊ → (ख) मुंबई
- प्राकृतिक वनस्पति किसकी सहायता के बिना उगती है? (क) सूर्य (ख) वर्षा (ग) मनुष्य (घ) मिट्टी → (ग) मनुष्य
- सदाबहार वन कहलाते हैं: (क) पर्णपाती (ख) वर्षा वन (ग) मैंग्रोव (घ) कंटीली झाड़ियाँ → (ख) वर्षा वन
- आबनूस किस वन का पेड़ है? (क) वर्षा वन (ख) मैंग्रोव (ग) पर्वतीय (घ) कंटीली → (क) वर्षा वन
- साल और सागौन: (क) पर्णपाती (ख) वर्षा वन (ग) पर्वतीय (घ) मैंग्रोव → (क) पर्णपाती
- भारत के सबसे बड़े भाग में फैले वन: (क) मैंग्रोव (ख) पर्णपाती (मानसूनी) (ग) पर्वतीय (घ) वर्षा वन → (ख) पर्णपाती (मानसूनी)
- कैक्टस और बबूल कहाँ? (क) केरल (ख) राजस्थान (ग) असम (घ) अंडमान → (ख) राजस्थान
- चीड़ और देवदार: (क) शंकुधारी (ख) पर्णपाती (ग) मैंग्रोव (घ) कंटीली → (क) शंकुधारी
- खारे पानी में उगने वाले वन: (क) वर्षा वन (ख) मैंग्रोव (ग) पर्वतीय (घ) पर्णपाती → (ख) मैंग्रोव
- सुंदरबन किस राज्य में है? (क) ओडिशा (ख) पश्चिम बंगाल (ग) असम (घ) बिहार → (ख) पश्चिम बंगाल
- भारत का राष्ट्रीय पशु: (क) शेर (ख) हाथी (ग) बाघ (घ) गैंडा → (ग) बाघ
- भारत का राष्ट्रीय पक्षी: (क) तोता (ख) मोर (ग) मैना (घ) सारस → (ख) मोर
- एशियाई शेर कहाँ? (क) गिर वन (ख) सुंदरबन (ग) काज़ीरंगा (घ) कॉर्बेट → (क) गिर वन
- एक सींग वाला गैंडा किस राज्य में? (क) असम (ख) केरल (ग) राजस्थान (घ) गुजरात → (क) असम
- याक और हिम तेंदुआ कहाँ? (क) मरुस्थल (ख) हिमालय (ग) तट (घ) डेल्टा → (ख) हिमालय
- प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध: (क) भरतपुर (ख) गिर (ग) कॉर्बेट (घ) सुंदरबन → (क) भरतपुर
- प्रोजेक्ट टाइगर कब शुरू हुआ? (क) 1947 (ख) 1973 (ग) 1991 (घ) 2000 → (ख) 1973
11सही/गलत, लघु, दीर्घ और HOTS प्रश्नपरीक्षा के प्रश्न
सही या गलत
- मौसम लंबे समय तक नहीं बदलता। → गलत (मौसम रोज़ बदल सकता है; जलवायु लंबे समय का औसत है)
- मानसूनी हवाएँ समुद्र से स्थल की ओर नमी लाती हैं। → सही
- पर्णपाती वन सालभर हरे रहते हैं। → गलत (शुष्क ऋतु में पत्ते गिराते हैं)
- मैंग्रोव वन खारे पानी में उग सकते हैं। → सही
- एशियाई शेर सुंदरबन में रहते हैं। → गलत (गिर वन, गुजरात में)
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. दिल्ली की जलवायु विषम और मुंबई की सम क्यों है? मुंबई समुद्र के पास है, इसलिए समुद्र का असर गर्मी और सर्दी दोनों को कम कर देता है। दिल्ली समुद्र से दूर है, इसलिए वहाँ गर्मी में बहुत गर्म और सर्दी में बहुत ठंड होती है।
2. वृष्टि-छाया क्षेत्र किसे कहते हैं? नम हवाएँ पर्वत की एक ओर वर्षा कर देती हैं; पर्वत के दूसरी ओर पहुँचने तक उनमें नमी कम रह जाती है। पर्वत के पीछे का यह कम वर्षा वाला भाग वृष्टि-छाया क्षेत्र है (जैसे पश्चिमी घाट के पूर्व का भाग)।
3. कंटीली झाड़ियों के पत्ते छोटे और कँटीले क्यों होते हैं? शुष्क क्षेत्रों में पानी बहुत कम होता है। छोटे और कँटीले पत्तों से पानी कम उड़ता है, जिससे पौधा पानी बचाकर जीवित रहता है।
4. वनों के तीन लाभ लिखिए। ऑक्सीजन देते हैं; मिट्टी का कटाव और बाढ़ रोकते हैं; लकड़ी, फल, गोंद, औषधियाँ देते हैं और वन्य जीवों का घर हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. भारत की चारों ऋतुओं का वर्णन कीजिए। (ऊपर "भारत की चार ऋतुएँ" वाले नोट्स की तालिका से: हर ऋतु के महीने, हवाएँ और मौसम लिखिए।)
2. भारत की प्राकृतिक वनस्पति के प्रकारों का वर्णन कीजिए। (ऊपर "प्राकृतिक वनस्पति" वाले नोट्स से: पाँचों प्रकार, कहाँ, कौन-से पेड़, और कितनी वर्षा।)
HOTS (सोचिए और बताइए)
- अगर किसी वर्ष मानसून देर से आए तो क्या होगा? खेती पिछड़ जाएगी, फसल कम होगी, पानी की कमी होगी, महँगाई बढ़ सकती है।
- पश्चिमी घाट पर घने वर्षा वन और उसके पीछे कंटीली झाड़ियाँ क्यों? अरब सागर की हवाएँ घाट की पश्चिमी ढाल पर भारी वर्षा करती हैं; पूर्वी भाग वृष्टि-छाया में है, जहाँ वर्षा बहुत कम होती है।
- बाघ कम हो जाएँ तो वन पर क्या असर होगा? हिरन जैसे घास खाने वाले जीव बहुत बढ़ जाएँगे और पौधे-घास खत्म करने लगेंगे; पूरे वन का संतुलन बिगड़ जाएगा।
12याद रखेंयाद रखें
- मौसम: रोज़ की स्थिति; जलवायु: लंबे समय का औसत; भारत की जलवायु मानसूनी।
- ऋतुएँ: शीत (दिस-फ़र), ग्रीष्म (मार्च-मई), दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून-सित), लौटता मानसून (अक्टू-नव)।
- लू: ग्रीष्म की गर्म हवा; मौसिनराम: सबसे अधिक वर्षा; जैसलमेर: बहुत कम।
- जलवायु के कारक: स्थिति, ऊँचाई, समुद्र से दूरी, उच्चावच।
- वनस्पति: वर्षा वन (महोगनी), पर्णपाती (साल, सागौन), कंटीली (बबूल), पर्वतीय (देवदार), मैंग्रोव (सुंदरी)।
- बाघ राष्ट्रीय पशु, मोर राष्ट्रीय पक्षी; गिर शेर, काज़ीरंगा गैंडा, कच्छ जंगली गधा।
- प्रोजेक्ट टाइगर 1973; वन्य जीव सप्ताह: अक्टूबर का पहला सप्ताह; वन महोत्सव: जुलाई।
© Pankaj Bediya · TGT Geography · Geoland.in
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